जयपुर। विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ ने करवा चौथ को करोड़ों देशवासियों के श्रद्धा व आस्था का त्योहार बताते हुए कहा कि सुहागिन महिलाएँ सदियों से हमारी संस्कृति का यह पवित्र व्रत विधानपूर्वक पालन करती आ रही हैं। भारतीय समाज पर इसकी गहरी छाप है। यह अत्यन्त दुःखद, आपत्तिजनक व क्षोभ का विषय है कि अपना उत्पाद बेचने के लिये योजनाबद्ध रूप से फेम डाबर ने एक विवादित विज्ञापन तैयार कर प्रसारित किया, जिससे लोगों का ध्यान आकर्षित कर सके।
विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय प्रभारी चंद्रकांता राजपुरोहित, महिला प्रकोष्ठ जोन-1 की प्रदेशाध्यक्ष अलंकृता शर्मा व महामंत्री सुनीता शर्मा ने कहा कि महिला प्रकोष्ठ ऐसी ओछी हरकत का पुरजोर शब्दों में विरोध करती है। इस विज्ञापन से हमारी आस्था व परंपरा पर चोट पहुँची है, हमारी संस्कृति का उपहास उड़ाने का प्रयास कर करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों का, खासकर महिलाओं इच्छाकृत रूप से अपमान किया गया है। फेम डाबर को विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ चेतावनी देती है कि तत्काल प्रभाव से फेस क्रीम के इस साजिशी विज्ञापन को वापस लेकर माफी माँगें, अन्यथा पूरे देश में लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर इनके उत्पादों का बहिष्कार किया जाएगा।
