Headlines

पैराटीचर्स की पत्नी-परिजनों ने सीएम काफिले के सामने किया प्रदर्शन, कहा- मिलने नहीं उनकी गाड़ी से टक्कर खाने आई हूँ

जयपुर : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के काफिले के सामने अचानक कुछ मुस्लिम महिलाएं आ गईं और जोर-जोर से गहलोत सरकार होश में आओ, गहलोत तेरी तानाशाही नहीं चलेगी और शिक्षा मंत्री होश में आओ के नारे लगाने शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारी महिला ने चौंकाने वाला बयान दिया कि वह सीएम अशोक गहलोत से मिलने नहीं उनकी गाड़ी से टक्कर खाने आई हैं। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के बाहर यह नजारा देखकर वहां मौजूद पुलिस और सीएम सिक्योरिटी के भी हाथ-पांव फूल गए। अचानक हुए इस घटनाक्रम के बीच पुलिस ने उन महिलाओं को सीएम के काफिले से छिपाने के लिए पार्किंग की गाड़ियों के पीछे ले जाकर चुप कराने की बहुत कोशिश की। लेकिन महिलाएं चुप नहीं हुईं और नारे लगाती रहीं। ये महिलाएं उन मदरसा पैरा टीचर और सेकंड ग्रेड टीचर्स की पत्नियां और परिजन हैं। जो लंबे समय से शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे हैं। सरकार से नियमित करने की मांग कर रहे हैं। शमशेर भालू खान के नेतृत्व में मदरसा पैरा टीचर्स संयुक्त संघर्ष समिति का आंदोलन चल रहा है।

नारेबाजी कर रहीं प्रदर्शनकारी अख्तर बानो ने बताया कि पिछले 7 दिन से उनके पति शमशोर भालू खान भूख हड़ताल और आमरण अनशन पर पर हैं। उन्होंने कहा मैं चाहती हूँ कि सरकार 2 मिनट उनकी सुनवाई कर ले। अख्तर बानो ने कहा सीएम मिल नहीं रहे हैं। अब हालात ये हो गए हैं कि मैं सीएम की गाड़ी के आगे टक्कर खाने यहां आई हूँ। उनसे मिलने नहीं आई। क्योंकि आज मेरा घर उजड़ने लगा है। मेरी तीन बच्चियां हैं, घर छोड़कर मैं आज यहां आई हूँ। डेढ़ महीने से मेरे पति धरने पर बैठे हैं। वो सेकेंड ग्रेड टीचर हैं।

सरकार के पास दो मिनिट का समय नहीं

अख्तर बानो के साथ आईं महिलाओं ने भी सीएम के काफिले के सामने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि सरकार के पास 2 मिनट के लिए टाइम नहीं है कि आंदोलन कर रहे लोगों की सुध लें। डेढ़ महीने से अपने घरों को छोड़कर पैराटीचर्स शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे हैं। 15 सितम्बर को सरकार ने घोषणा की थी कि पैराटीचर्स को नियमत कर देंगे। लेकिन सरकार फिर भी वादा पूरा नहीं कर रही। सरकार ने चुनावी वादा किया था कि मदरसा पैरा टीचर्स, राजीव गांधी पैराटीचर्स का नियमितिकरण किया जाएगा। लेकिन सरकार वादे को पूरी तरह भूल चुकी है। डेढ़ महीने से अनशन चल रहा है। लेकिन राजस्थान सरकार उनकी सुध लेने को तैयार नहीं है।

मदरसा पैराटीचर संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर 15 अक्टूबर से जयपुर के शहीद स्मारक पर शमशेर भालू खां के नेतृत्व में आंदोलन किया जा रहा है। विधायकों के आवास के बाहर भी धरने दिए गए हैं। लेकिन अब तक कोई एक्शन नहीं हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *