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जयपुर नगर निगम हैरिटेज की कमेटियां गठित करने का पेच उलझा, निर्दलीयों ने दी समर्थन वापसी की धमकी

जयपुर। जयपुर नगर निगम हैरिटेज में संचालन समितियों (कमेटियांं) के नहीं बनने से जयपुर शहर की सरकार अब अपनों और सहयोगी पार्षदों (निर्दलीयों) से घिरती नजर जा रही है। पार्टी को सहयोग करने वाले 9 में से 7 पार्षद मंगलवार को परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के पास पहुंचे और कमेटी बनाने की मांग की। सूत्रों के मुताबिक, पार्षदों ने कहा कि जल्द ही कमेटियां नहीं बनीं तो वे बोर्ड से समर्थन भी वापस लेने पर विचार करेंगे। पार्षदों से करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद खाचरियावास नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल से मिलने उनके निवास पर पहुंचे। यहां मुख्य सचेतक महेश जोशी और विधायक अमीन कागजी भी आए और ज्यादा से ज्यादा कमेटियां बनाने की बात कही। हालांकि धारीवाल ने विधायकों की इस मांग को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। धारीवाल 28 से ज्यादा कमेटियां बनाने के पक्ष में नहीं हैं। इसलिए 15-20 मिनट की बैठक के बाद तीनों विधायक धारीवाल के घर से वापस लौट आए।

सबको खुश करने की कोशिश

विधायक ज्यादा से ज्यादा कमेटियां बनवाना चाहते हैं, ताकि वे निर्दलीयों के साथ-साथ कांग्रेसी पार्षदों को भी खुश रख सकें। बताते है कि मेयर मुनेश गुर्जर ने चारों विधायकों प्रताप सिंह खाचरियावास, महेश जोशी, अमीन कागजी और रफीक खान से चर्चा के बाद 34 कमेटियों का प्रस्ताव सरकार को भिजवाया था,लेकिन धारीवाल 28 से ज्यादा कमेटियां बनाने के पक्ष में नहीं हैं। नगर निगम हैरिटेज में 100 सदस्यों वाले बोर्ड में कांग्रेस के 47 सदस्य चुनकर आए थे। बहुमत के लिए 4 सदस्यों की जरूरत थी। जीतकर आए 11 में से 9 निर्दलीयों ने समर्थन देते हुए कांग्रेस का बोर्ड बनाने में अहम भूूमिका निभाई। तब निर्दलीयों को आश्वासन दिया था कि कमेटियों में उनको पूरी तवज्जो दी जाएगी।

विधायकों में भी आपसी सहमति नहीं

तीन विधायक चाहते हैं कि निर्दलीयों को समितियां देने के बाद जो समितियां बचीं, उसे विधानसभावार सदस्यों की संख्या के अनुपात में बांटा जाए। प्रतापसिंह ऐसा नहीं चाहते। वे चाहते हैं कि निर्दलीयों को जोड़ते हुए सभी कमेटियां समान अनुपात में विधानसभावार बांटी जाएं।

 

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