वैध खनन को प्रमोट और अवैध खनन पर रोक ही संयुक्त जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य – एसीएस डॉ. अग्रवाल

  • अवैध खनन पर प्रभावी कार्यवाही से ही वैध खनन को बढ़ावा
  • प्रमुख खनिजों के खनिजवार अवैध खनन गतिविधि क्षेत्र चिन्हित

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जयपुर : अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम व पीएचईडी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा है कि वैध खनन को प्रमोट करना और अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाना संयुक्त जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने जिला कलक्टरोें से कहा कि अवैध खनन पर प्रभावी कार्यवाही कर ही वैध खनन को बढ़ावा दिया जा सकता है। अभियान के सफल संचालन और नियमित समीक्षा कर अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के खिलाफ संचालित एक माह के अभियान को सफल बनाना होगा। उन्होंने जिला कलक्टरों से कहा कि अभियान का संचालन पूरी संवेदनशीलता से करते हुए असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल सोमवार को सचिवालय से वीडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिला कलक्टरों, पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और माइंस विभाग के अधिकारियों से रुबरु हो रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अवैध खनन गतिविधियों को लेकर गंभीर है और इसे देखते हुए ही विभाग द्वारा एक माह का संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। खान व गोपालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया द्वारा भी नियमित समीक्षा की जा रही है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि विभाग द्वारा प्रमुख खनिजों के अवैध खनन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। इसमें टोंक, सवाई माधोपुर, भीलवाडा, धौलपुर, चित्तोडगढ़, बाडमेर, जोधपुर नागौर, पाली और झुन्झुनू बजरी के अवैध खनन व परिवहन से प्रभावित जिले हैं। इसी तरह से अलवर, भरतपुर, जयपुर, सीकर, झुन्झुनू और कोटा मेसेनरी स्टोन, अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तोडगढ़, सीकर, टोंक व डूंगरपुर क्वार्टज व फेल्सपार, भीलवाड़ा, बूंदी, धौलपुर, करौली, भरतपुर,व जोधपुर सैंड स्टोन के अवैध खनन और परिवहन से प्रभावित जिले हैं।

बीकानेर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में जिप्सम, नागौर में लाईम स्टोन, भीलवाड़ा में गारनेट, सीकर व जयपुर में आयरन ऑर, बूंदी, जैसलमेर व अलवर में मार्बल/खण्डा के अवैध खनन व परिवहन प्रभावित क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में खासतौर से अवैध खनन व परिवहन पर प्रभावी रोक लगानी होगी। एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि मुख्य सचिव के परपित्र दिनांक 9 फरवरी, 2012 व 5 जुलाई 2021 के द्वारा स्पष्ट किया गया है कि वन भूमि में अवैध खनन पर वन विभाग द्वारा, खातेदारी भूमि पर अवैध खनन गतिविधियों पर राजस्व विभाग द्वारा, राजस्व भूमि पर अवैध खनन गतिविधियां पर खान विभाग द्वार व रीको, नगर विकास न्यास या अन्य संस्थाओं की भूमि पर अवैध खनन गतिविधियों पर संबंधित विभाग द्वारा कार्यवाही की जानी है।

उन्होेंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा यह विशेष अभियान इसी कारण से जिला कलक्टर के नेतृत्व में राजस्व, वन, पुलिस, परिवहन और खान विभाग द्वारा संयुक्त जांच दल गठित कर कार्यवाही करने के लिए चलाया जा रहा है ताकि अवैध खनन गतिविधियों पर कारगर रोक लगाई जा सक। उन्होंने बताया कि इससे सरकारी राजस्व में होने वाली छीजत को भी रोक कर राजस्व में बढ़ोतरी हो सकेगी।निदेशक माइंस कुज बिहारी पण्ड्या ने पीपीटी के माध्यम से विस्तार से अभियान की गतिविधियों की जानकारी दी। वीसी में जिला कलक्टर भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, जालौर, जोधपुर, पाली, कोटा, एसपी सवाई माधोपुर, झुन्झुनू आदि ने सुझाव दिए। वीडियो कान्फ्रेसिंग में उप सचिव नीतू बारुपाल, ओएसडी महावीर मीणा, डीएलआर गजेन्द्र सिंह, सभी जिलों के कलक्टर व प्रतिनिधि, एसपी सहित विभाग के अधिकारियो ने हिस्सा लिया।

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