जयपुर : राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट करके कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने चहेते अधिकारियों तथा मंत्रियों को बचाने व CBI जांच से बचने के लिए केवल REET लेवल 2 की परीक्षा रद्द करने की घोषणा की है। जबकि जिनके पास REET लेवल 2 करवाने का जिम्मा था, उन्हीं के पास लेवल प्रथम करवाने का जिम्मा था ऐसे में वह यह कैसे कह रहे है कि लेवल प्रथम के पेपर में कोई गड़बड़ी ही नहीं हुई है? सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पूरे प्रकरण की CBI जांच जरूरी है ताकि पर्दे के पीछे बैठे असली गुनहगार भी सामने आ सके। इसलिए राज्य सरकार को अविलंब पूरे मामले की CBI जांच करवाने तथा लेवल 2 के साथ लेवल प्रथम की भी परीक्षा रद्द करने की घोषणा करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 केवल रीट लेवल-2 रद्द करके अपने चहेते अफसरों व मंत्रियों को बचाने का प्रयास कर रहे है साथ ही CBI जांच से बचना भी चाह रहे है !
1/1— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) February 7, 2022
जिनके पास रीट लेवल-2 का जिम्मा था उन्हीं के पास ही लेवल-1 का जिम्मा था ऐसे में सीएम यह कैसे मान रहे है कि लेवल प्रथम के पेपर में कोई गड़बड़ी नही हुई है ?
2/1
— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) February 7, 2022
#REET2021 के पूरे मामले में सीबीआई जांच हो ताकि बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले सभी अपराधी पकड़ में आ सके व लेवल 2nd के साथ प्रथम भी रद्द किया जाए !
3/1— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) February 7, 2022
ज्ञापन देकर किया प्रदेश व्यापीप्रदर्शन
आरएलपी ने सोमवार को जयपुर, जोधपुर सहित राजस्थान के तमाम जिला मुख्यालयों पर जिला प्रशासन के मार्फत राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर REET मामले में CBI जांच करवाने व उक्त भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग रखी। वही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुतले भी जलाए। ज्ञापनों में लिखा की अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार हजारों लोगो के पास यह पेपर पहले पहुंच गया। ऐसे में मेहनतकश अभ्यर्थियों के सपनों व मेहनत पर बड़ा कुठाराघात हुआ है। चूंकि, पूरे मामले में धांधली व पेपर आउट होने के तार राजस्थान सरकार के आला ब्यूरोक्रेट्स, मंत्रियों व मुख्यमंत्री कार्यालय तक जुड़े हुए सामने आ रहे है। ऐसे में एसओजी जो राज्य सरकार की एजेंसी है वो पर्दे के पीछे बैठे गुनहगारों को नहीं पकड़ पाएगी। साथ ही यह भी लिखा कि कांग्रेस की संस्था राजीव गांधी स्टडी सर्कल के पदाधिकारियों के पास REET का जिम्मा था ऐसे में बहुत बड़े सवाल अपने आप में खड़े हो रहे है।
