जयपुर : मानसरोवर सेक्टर 42 के पार्क में बुधवार रात हाईमास्ट लाइट के पोल के तार की चपेट में आने से 10 साल के बच्चे गौरव केसवानी की मौत हो गई है। मामले को लेकर गुरुवार को मृतक बच्चे के परिवारजन व अन्य लोग दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, परिवार को मुआवजा और माँ को नौकरी देने की मांग को लेकर बच्चे के शव के साथ स्वर्ण पथ चौराहे पर धरने पर बैठ गए थे। इस मामले को लेकर दोपहर तक प्रशासन की लापरवाही को लेकर विरोध प्रदर्शन चलता रहा। इसके बाद नगर निगम डीसी हेमाराम मौके पर पहुंचे और मामला शांत करवाया। इस पर परिजनों ने शव को उठ लिया।
पार्क में पड़े खुले तारो पर नगर निगम प्रशासन की अनदेखी और स्थानीय पार्षद की लापरवाही से बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत पर परिवारजन व अन्य लोगो ने स्वर्ण पथ चौराहे पर पर शव रख धरना दिया। जिसके बाद हरकत में आते हुए नगर निगम डीसी हेमाराम,चेयरमैन मुकेश लखानी, पार्षद रामावतार गुप्ता और पार्षद आशीष शर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने पांच लाख मुआवजा देने की मांग पर सहमति जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन कोशिश करेगा कि बच्चे की माँ को संविदा कर्मी के रूप में नौकरी मिले। इसके अतिरिक्त मुख़्यमंत्री सहायता कोष से भी सहायता राशि दिलवाई जाये।
इस दौरान पूर्व पार्षद कमलेश गोयल, पूर्व पार्षद धर्मसिंह सिंघानिया, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सीताराम शर्मा, आशा राठौड़, आशा चौधरी, स्नेहलता शर्मा, मनोज पांडे, मनोज श्रीवास्तव,सुमन सैनी, विजय स्वामी, अशोक सूंठवाल, नरेश दाधीच, रिंकू अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, विनय प्रताप भोपर, विजय स्वामी, मोहन साहू, एडवोकेट मनीष शर्मा, मीनाक्षी जैन, नितिन पारीक आदि मौजूद थे।
निगम के जेईएन और एलआई सस्पेंड
इस मामले में लापरवाही बरतने पर नगर निगम ग्रेटर प्रशासन ने कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) और लाइट इंस्पेक्टर (एलआई) को सस्पेंड किया है। वहीं मेंटीनेंस का काम देख रही कंपनी को नोटिस जारी किया है। इस पूरे मामले की जांच में डिस्कॉम टीम की लापरवाही सामने आई है।

