उदयपुर: उदयपुर के सलूंबर से भाजपा विधायक अमृतलाल मीणा को 11 दिन बाद जेल से रिहाई मिल गई है। जेल से छूटने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक अमृतलाल मीणा का फूल-मालाओं से विजय जुलूस के रूप में स्वागत किया गया। लेकिन इस दौरान कोरोना गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ी और प्रशासन मूकदर्शक बन देखता रहा।
दरअसल, अमृतलाल मीणा को अपनी पत्नी की फर्जी मार्कशीट पर बतौर अभिभावक हस्ताक्षर करने के मामले में सराड़ा कोर्ट ने आरोपी माना था। जिन्हें 12 जुलाई को सरेंडर के बाद सराडा कोर्ट ने जमानत नही दी। इसके बाद से सलूम्बर विधायक अमृतलाल मीणा सलूम्बर जेल में बंद थे। इस दौरान सराड़ा कोर्ट और सलूम्बर एडीजे कोर्ट में भी मीणा की जमानत याचिका लगाई गई, मगर जमानत नही हुई। 10 दिन के बाद गुरुवार को जोधपुर हाईकोर्ट से विधायक मीणा की जमानत याचिका मंजूर हुई। 11 राते जेल में रहने के बाद शुक्रवार सुबह जमानत आदेश मिलने पर करीब 12 बजे विधायक मीणा की रिहाई हुई। ऐसे में बड़ी संख्या में मीणा के परिजनों के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों से उनका स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में अमृतलाल के समर्थकों ने कोरोना गाइडलाइन की अवहेलना की।
पत्नी को लड़ाया था सरपंच का चुनाव
बता दे 6 साल पहले 2015 में विधायक अमृतलाल मीणा की पत्नी शांता देवी को सरपंच का चुनाव लड़ाया था। इस चुनाव में शांता देवी ने निकट प्रतिद्वंद्वी सुगना देवी को शिकस्त दी थी। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद सेमारी सरपंच बनने वाली शांता देवी के खिलाफ फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने आरोप लगा। हारने वाली सुगना देवी की ओर से दर्ज शिकायत के बाद जांच सीबी-सीआईडी ने की और इसमें अमृतलाल की पत्नी शांतादेवी की मार्कशीट नकली पाई गई थी।

