जयपुर। आरपीएससी (RPSC) ने RAS 2021 की भर्ती जारी की है उसमें गुपचुप में एक बड़ा खेल राजस्थान के पूर्व सैनिकों की नौकरियों को लेकर खेला है। RAS 2018 की भर्ती तक एक्स सर्विसमैन की कैटेगरी में केवल राजस्थान के पूर्व सैनिक ही पात्र थे उसे अब कार्मिक विभाग (क-2) के पत्र का हवाला देते हुए ऑल इंडिया के लिए खोल दिया गया हैं। यानी दूसरे राज्यों के पूर्व सैनिक भी इन भर्ती परीक्षाओं में बैठ सकेंगे। बाकी किसी भी श्रेणी के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। बाकी कैटेगरी में तो केवल राजस्थान के मूलनिवासी बैठ सकेंगे जबकि पूर्व सैनिकों की कैटेगरी में देशभर से पूर्व सैनिक बैठक सकेंगे चाहे वह कहां का भी हो,जबकि राजस्थान को छोड़ कहीं भी ऐसा प्रावधान नहीं हैं।
आंदोलन की तैयारी में पूर्व सैनिक
RPSC की ओर से भर्ती परीक्षा के नियमों में किए गए बदलाव से राज्य के पूर्व सैनिकों में भारी आक्रोश हैं। पूर्व सैनिको का मानना है कि पड़ोसी राज्यों के पूर्व सैनिकों को प्रतिस्पर्धा में उतार कर उनके हितों पर कुठाराघात किया गया हैं। जैसे ही पूर्व सैनिकों को इसकी जानकारी मिली वे आंदोलित हैं। ऑल इंडिया के पूर्व सैनिकों को भर्ती में मौका देने के इस प्रावधान को हटाने को लेकर सैनिक कल्याण मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास तथा राजस्थान सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारियों से भी मिलेंगे। जरूरत पड़ी तो इसे कोर्ट में चुनौती देने की भी तैयारी शुरू कर दी हैं। पूर्व सैनिकों का कहना है कि अपने अधिकारों के लिए ईंट से ईंट बजा देंगे।
किसको लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है ये संशोधन
RAS 2021 भर्ती आवेदन की शुरुआत से पहले ही विवादों में आ गई है। आरएएस की इस भर्ती के लिए 28 जुलाई लस आवेदन भरे जाने है। कार्मिक विभाग ने 12 जुलाई 2021 को भर्ती नियमों में संशोधन के जो निर्देश RPSC को दिए है उस पत्र में क्या लिखा है उसका तो पता नहीं चला,लेकिन भर्ती की विज्ञप्ति में इस पत्र का उल्लेख कर जिस तरह से एक्स सर्विसमैन कैटेगरी के पूर्व के प्रावधानों को चुपके से बदला गया है उसको लेकर राजनैतिक हलकों में भी आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है कि आखिर सरकार ने किसको लाभ पहुंचाने के लिए ये संशोधन किया हैं। ये संशोधन किन नियमों के तहत किया गया है वह भी इस आदेश से प्रभावित होने वाले पूर्व सैनिकों को पता नहीं चल पाया है,क्योंकि कार्मिक विभाग ने इस पत्र को ऑफिसियल वेबसाइट पर भी जारी नहीं किया हैं।
RAS का कितना है कोटा
पूर्व सैनिकों का राजस्थान प्रशासनिक सेवा की प्रतियोगी परीक्षा में आरएएस(RAS) व अन्य उच्च पदों के लिए 5 प्रतिशत कोटा है जबकि अधीनस्थ सेवाओ में 12.5 प्रतिशत कोटा हैं। सरकार के नियमानुसार राजस्थान सरकार की सेेवाओं में नियोजित पूर्व सैनिक का एक ही बार कोटे का प्रावधान है,जबकि केन्द्र सरकार में नियोजित सैनिकों के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं हैं। अब नियमों से दूसरे राज्यों में नियोजित सैनिकों पर ऐसी शर्त लगाना भी मुश्किल हैं। अत: ये नियम केवल राजस्थान में राज्य में नियोजित सैनिकों पर दोहरी मार करेगा।

