वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद जेसीटीएसएल कर्मचारियों पर रेस्मा लागू

जेसीटीएसएल

जयपुर: प्रदेश सरकार ने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लि. (जेसीटीएसएल) के करीब 1 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को झटका देते हुए जयपुर शहर में लोकल ट्रांसपोर्ट (लो फ्लोर बसों) की सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा घोषित करते हुए इन्हे राजस्थान अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (रेस्मा) के दायरे में ले लिया है।

दरअसल जयपुर शहर में लो फ्लोर बसें नहीं चलने से जयपुर शहर में 2 लाख से ज्यादा लोगों को परेशानी हाे रही है। वहीं 23 और 24 अक्टूबर को जयपुर जिले में पटवार परीक्षा है, जिसे देने अलग-अलग जिलों से करीब 3.60 से ज्यादा अभ्यर्थी जयपुर पहुंचेगे। ऐसे इन अभ्यर्थियों बस स्टेण्ड से एग्जाम सेंटर तक लाने- ले जाने के लिए प्रशासन इन बसों का उपयोग करेगा। इसे देखते हुए सरकार ने रेस्मा लागू किया है।

मांगे नहीं मानने तक हड़ताल रहेगी जारी

जयपुर शहर में लो फ्लोर बसें नहीं चलने से आज भी करीब 2 लाख यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। गुरुवार को स्वायत्त शासन विभाग के सचिव भवानी सिंह देथा ने यूनियन के पदाधिकारियों संग सचिवालय में वार्ता की जो बेनतीजा रही। यूनियन अध्यक्ष विपिन बताया कि जब तक 7वें आयोग के तहत वेतनमान देने, एरियर, बोनस का भुगतान देने और कर्मचारियों को नियमित करने की मांग सरकार नहीं मानेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इसी के चलते आज भी हड़ताल जारी रखी है।

दो दिन में चार फेज में होगी परीक्षा

जयपुर में पटवार परीक्षा शनिवार से शुरू होगी। 23 और 24 अक्टूबर को दो दिन चलने वाली इस परीक्षा में चार फेज में एग्जाम होंगे। जयपुर में 23 अक्टूबर को एग्जाम देने के लिए करीब 1.80 लाख अभ्यर्थी सीकर, चूरू, झुंझुनूं, अजमेर, टोंक, अलवर, दौसा, बीकानेर, सवामाधोपुर समेत अन्य जिलों से जयपुर पहुंचेंगे। इसी तरह 24 अक्टूबर को भी इतनी संख्या में अभ्यथी जयपुर एग्जाम देने पहुंचेंगे।

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