जयपुर: जयपुर की आमागढ़ पहाड़ी पर बने दुर्ग में बने मंदिर में धर्म ध्वजा को हटाने का एक वीडियो वायरल होने से मामला और गर्मा गया है। इस वीडियो में खुद विधायक रामकेश मीणा अपने समर्थकों से कहते हुए नजर आ रहे हैं कि स्थानीय विधायक से मेरी बात हो गई है इस ध्वजा को उखाड़ दो फाड़ दो। मीणा के कहते ही विधायक के समर्थक विशाल धर्म ध्वजा को रस्सियों से तोड़ते हुए नजर आए और अंत में धर्म ध्वजा खंडित कर दी गई। विधायक की मौजूदगी में धर्म ध्वजा को हटाने के बाद मामला सांप्रदायिक सौहार्द से जुड़ गया है। इस मंदिर में करीब दो महीने पहले शिव पंचायत मूर्तियों को तोड़ा गया था और अब धर्म ध्वजा खंडित करने पर विपक्षी दल भाजपा और हिंदू संगठनों ने आक्रोश व्यक्त किया। इस मामले में ट्रांसपोर्ट नगर थाने में आरोपियों के खिलाफ परिवाद दिया गया है।
आक्रोशित लोगों ने ट्रांसपोर्ट नगर थाने को घेरा
आमागढ़ किले के अंदर भगवा ध्वज को फाड़ने के विरोध में हिंदू समाज में काफी रोष हैं। इसके खिलाफ बड़ी संख्या में लोग ट्रांसपोर्ट नगर थाने के बाहर उपस्थित है और वहां पर धरना दिया जा रहा है। देर रात तक धरना जारी था। ट्रांसपोर्ट नगर थाने की एसीपी नील कमल और इंचार्ज गयासुद्दीन एफआईआर दर्ज नहीं कर रहे।
ट्रांसपोर्ट नगर थाने पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, पार्षद महेश कलवानी ,श्याम सैनी, सुनील दत्त शास्त्री जिला अध्यक्ष राघव शर्मा जिला मंत्री अनुराग खैतान मौजूद हैं।
छोटी काशी के रूप में विख्यात जयपुर में जगह-जगह मंदिर बने हुए हैं। गलता तीर्थ के पास आमागढ़ की पहाड़ियों में प्राचीन दुर्ग बना हुआ है। इस दुर्ग में बने शिव मंदिर में जय श्री राम और ओम लिखी हुई करीब 40 से 45 फीट की विशाल धर्म ध्वजा लगी हुई थी।
रफीक खान ने दी सफाई
वहां के स्थानीय कांग्रेस विधायक रफीक खान से जब इस मुद्दे पर पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों से छेड़छाड़ करना अनुचित है। न मैं ध्वजा लगाने के पक्ष में था और न हटाने के पक्ष में हूं।
बीजेपी और हिंदूवादी संगठन विरोध में
आमागढ़ दुर्ग पर धर्म ध्वजा को खंडित करने के मामले में भाजपा और हिंदूवादी संगठन में खासा रोष है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि रामकेश मीणा पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का मामला दर्ज होना चाहिए। मंदिरों पर हमेशा ध्वजा रहती है और भला धर्म ध्वजा से किसी को क्या आपत्ति हो सकती है?
संतों और अन्य संगठनों में भी छाया आक्रोश
इधर मूर्तियां तोड़ने के बाद अब धर्म ध्वजा खंडित किए जाने की सूचना मिली तो संतों और अन्य संगठन आक्रोशित हो गए। धरोहर बचाओ संरक्षण समिति के अध्यक्ष भारत शर्मा, अध्योध्या के हनुमानगढ़ी ठाकुरजी मंदिर के महंत रामदास सहित अन्य कार्यकर्ता ट्रांसपोर्ट नगर थाने पहुंचे। उन्होंने विधायक रामकेश सहित अन्य लोगों के खिलाफ धार्मिक चिह्नों को नष्ट करने का मामला दर्ज करने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई।


