जयपुर: राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के पांचवे दिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते हुए भाजपा पर तीखे हमले किए। सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि बहस तो हुई नहीं, हमारे विपक्ष के सदस्य बोले नहीं, किस बहस का जवाब दूं। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इतने साहब इकट्ठे हो गए कि पता नहीं, साहबों का सरदार कौन होगा? अलवर विमंदित बालिका प्रकरण पर बोलते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि भाजपा वाले अलवर में बालिका के साथ हुई दुर्घटना को राजनीतिक लाभ लेने के लिए रेप का नाम दे रहे है।
सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना से दुनिया चिंतित थी, इनके मंत्री क्या कह रहे थे? कोरोना में हमारे केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल कहते हैं- भाभीजी पापड़ खाओ। गजेंद्र सिंह शेखावत कहते हैं कि बालाजी के नारियल चढ़ाओ। भोले लोग इनके बहकावे में आ जाते हैं। इनके बहकावे में आकर कई लोग मारे गए। ये इस तरह की सोच के लोग हैं। कभी ताली बजती है, कभी थाली बजती है।
राजनीतिक लाभ के लिए दुर्घटना को रेप का नाम दे रहे
सीएम गहलोत ने कहा कि अलवर में बालिका के साथ हुई दुर्घटना को राजनीतिक लाभ लेने के लिए रेप का नाम दे दिया। अलवर के केस को हमने सीबीआई को सौंप दिया। अब दिल्ली में सरकार इनकी है, इस केस को सीबीआई क्यों नहीं ले रही? उस बच्ची का रेप हुआ ही नहीं, उसके रेक्टम सहित अंगों में रेप का प्रमाण नहीं मिला। फिर भी रेप रेप चिल्ला रहे हैं। उस परिवार पर क्या बीत रही होगी?
बीजेपी वाले तो यूनिवर्सिटी बंद करने वाले लोग
सीएम गहलोत ने कहा कि हमारे सीपीएम विधायक ने ही कहा था कि जहां शिक्षा कम है, वहां भाजपा ज्यादा है। यह बात सही है। जहां शिक्षा कम है, वहां भाजपा ज्याादा है। हम शिक्षा को बढ़ावा देंगे। हमने निजी सेक्टर में भी कॉलेज यूनिवर्सिटी को बढ़ावा दिया। पहले हमारे बच्चों को इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा के लिए महाराष्ट्र सहित बाहरी राज्यों में जाना पड़ता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। राजस्थान देश का पहला राज्य होगा, जहां गांव-गांव में अंग्रेजी स्कूल होंगे। विधायक जितने अंग्रेजी स्कूल मांगेगे, उतना देंगे। बीजेपी वाले तो यूनिवर्सिटी बंद करने वाले लोग हैं।
चुनाव में 13 जिले के लोग भाजपा को सबक सीखा देंगे
सीएम ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जलशक्ति मंत्री राजस्थान के हैं, लेकिन उन्हें राजस्थान से कोई मतलब नहीं है। हमने केंद्रीय योजना में केंद्र का हिस्सा बढ़ाने की मांग की लेकिन ध्यान नहीं दिया। ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग लंबे समय से चल रही है। पीएम ने चुनाव से पहले इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की घोषणा की, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
सीएम गहलोत ने कहा कि हो सकता है चुनाव आने तक केंद्र ईआरसीपी को केंद्रीय परियोजना घोषित कर दे। अगर नहीं करेंगा तो 13 जिले के लोग सबक सिखा देंगे, इन 13 जिलों में 82 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। चुनाव में की गई घोषणा से मुकरेंगे तो जनता सबकक सिखाएगी। यूपी में अभी चुनाव आए तो उन्होंने केन-बेतवा लिंक को 44 हजार करोड़ रुपए दे दिए, जबकि यह पहले की योजना थी।
विपक्ष सत्ता विरोधी लहर नहीं पैदा कर पाए
सीएम गहलोत ने कहा कि हम कॉमर्शियल बैंकों से किसान के कर्ज माफ करने के लिए केंद्र सरकार से सैटलमेंट कराने का प्रयास कर रहे हैं। हमने केंद्र सरकार से कहा है कि हम सैटलमेंट का पैसा देने को तैयार हैं। अगर नीरव मोदी, एबीसी जैसे लोगों का कर्ज एनपीए हो सकता है, तो किसान का हम सैटलमेंट का पैसा हम देने को तैयार हैं। ये केवल किसान को भड़काना ही जानते हैं।
सीएम गहलोत ने आगे कहा कि बेरोजगारी का मुद्दा गंभीर है। बिहार में ट्रेन जल रही हैं। दिल्ली के इशारे पर ये विरोध कर रहे हैं। इन्हें दिल्ली से फटकार पड़ी है कि आप तीन साल में सत्ता विरोधी लहर नहीं पैदा कर पाए तो नॉन इश्यू को इश्यू बनाइए, इसीलिए ये विरोध कर रहे हैं। आज देश में हिसा और अशांति का माहौल है।
सीबीआई जांच के नाम पर नौकरियां अटकाना चाहते
सीएम गहलोत ने कहा कि ये सरकार को बदनाम कराना चाहते हैं। ये चाहते हैं REET के मुद्दे पर सरकार को बदनाम किया जाए। सीबीआई को पहले ही बहुत से मामले दिए हैं उनकी ही जांच नहीं हो पा रही। ये चाहते हैं कि सीबीआई जांच के नाम पर नौकरियां अटक जाएं। गहलोत ने कहा- हम चाहते हैं कि बच्चों के लिए अगले 10 दिन में भर्ती निकालें और अगले छह माह में नौकरी मिल जाए। टीचर्स की 62 हजार नौकरियां लग रही हैं। 62 हजार नौकरियां रुके कैसे कुछ लोग इस प्रयास में है।पिछले कई साल से कुछ लोग नौकरियां रोकने का प्रयास करते रहते हैं।
