जयपुर: बढ़ती हुई बाघों की संख्या और छोटा पड़ता रणथंभौर (Ranthambore) अब बाघों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। आज रणथंभौर के तांबा खान क्षेत्र में बाघिन रिद्धि ने बाघिन टी 102 की 10 महीने की मादा शावक की जान ले ली। रणथंभौर (Ranthambore) में वर्तमान में 20 मेल, 32 फीमेल और 15 शावक व सब एडल्ट हैं। ऐसे में टेरिटरी के लिए इनमें आपस में फ़ाइट होना आम बात हो गई है।
मादा शावक ने तोड़ दिया दम
खासकर एरोहेड और उसकी दोनों बेटियां रिद्धि और सिद्धि न केवल आपस में टकरा रही हैं वरन दूसरे बाघ-बाघिन के साथ भी उनका जानलेवा झगड़ा हो रहा है। कल देर रात बाघिन टी 102 के चार शावकों में से एक मादा शावक अपनी मां से बिछड़ गई। इस दौरान वहां पर बाघिन रिद्धि पहुंच गई जिसने उस पर जानलेवा हमला किया। हमला इतना खतरनाक और भीषण था कि कुछ देर में ही मादा शावक ने दम तोड़ दिया।
मादा शावक के गर्दन और उसके आसपास गहरे जख्म
मादा शावक के गर्दन और उसके आसपास गहरे जख्म हो गए। इस बीच सुबह फील्ड डायरेक्टर टीसी वर्मा और एसीएफ संजीव शर्मा वहां से गुजर रहे थे कि उन्होंने घुर्राती बाघिन रिद्धि को देखा। पास में ही मादा शावक का शव भी पड़ा हुआ था। इस बीच बाघिन रिद्धि ने वन विभाग की टीम पर भी चार्ज करने की कोशिश की। फिलहाल रिद्धि के जाने के बाद मादा शावक के शव को रिकवर करा और उसका पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कर दिया। बड़ा सवाल यह है कि रिद्धि सिद्धि की आक्रामकता बाघों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। ऐसे में दोनों में से एक को सरिस्का शिफ्ट किया जाना जरूरी हो गया है।
