जयपुर : विधानसभा में शून्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा ने सिरोही के बरलूट में एक निर्दोष व्यक्ति को हत्या के आरोप में जेल में रखने के मामले में वेल में आकरपु लिस के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी से नाराज स्पीकर सीपी जोशी ने मार्शल बुलवाकर सयंम लोढ़ा को सदन से बाहर निकलवा दिया। सदन में ऐसा पहली बार हुआ है, जब सरकार के सलाहकार विधायक को इस तरह मार्शल बुलाकर बाहर निकाला गया हो।
संयम लोढ़ा ने सिरोही के बरलूट थाने में लिखमाराम देवासी नाम के निर्दोष व्यक्ति को हत्या के मामले में जेल भेजने का ध्यानाकर्षण से मामला उठाया। इसके जवाब में संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि इस पूरे मामले में जांच के बाद जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। कार्रवाई से पहले जांच जरूरी है। सात दिन में जांच हो जाएगी। एक निर्दोष के हक में यह अच्छा मामला उठाया है।
मंत्री के जवाब के बीच ही उठाए सवाल
मंत्री के जवाब के बीच ही संयम लोढ़ा ने कहा कि 2018 में कांग्रेस पार्टी की तरफ से बरलूट थाने का हमने घेराव किया था। सबको पता है कि वह व्यक्ति निर्दोष है, उसे झूठा फंसाया गया है। इस पर स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि हिस्ट्री से कोई मतलब नहीं है, आप मंत्री का जवाब नहीं सुनना चाहते। सात दिन में जांच हो जाएगी, अब चर्चा खत्म हो गई। इसके बाद भी सयंम लोढ़ा बोलते रहे। संयम लोढ़ा ने स्पीकर के टोकने के बाद भी बोलना जारी रखा। स्पीकर ने बैठने को कहा तो पुलिस के खिलाफ नारे लगाने लगे।
इस पर स्पीकर ने कहा कि मैं सदन से बाहर फिंकवा दूंगा। आपके हिसाब से सदन नहीं चलेगा। इसके बाद भी नारेबाजी जारी रही तो स्पीकर ने मार्शल से कहा कि इसे बाहर फेंकिए। इस तरह स्पीकर ने सरकार के सलाहकार को मार्शल से बाहर निकलवा दिया। जोशी ने कहा कि इसकी बिल्कुल इजाजत नहीं दी जा सकती। बाकी विधायकों से भी आग्रह है कि वे इस तरह का आचरण नहीं करें जिससे मुझे कोई अप्रिय फैसला करना पड़े।
