जयपुर: सरकार भले ही लोकसंस्कृति और संगीत के प्रमोशन के नाम पर करोड़ों खर्च कर रही हो, लेकिन असल मायनों में रहीस भारती जैसे लोगो ने राजस्थान की संस्कृति और संगीत को विदेशी सरजमीं तक पहुंचाया है। गुलाबी नगरी जयपुर के रहीस भारती अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धोद ग्रुप के संस्थापक है, संगीत घराने से तालुकात रखने वाले रहीस भारती ने अपने कौशल के दम पर 110 देशों में राजस्थानी लोकसंगीत व संस्कृति का परचम लहराया है।
रहीस भारती ने धोद बैंड के जरिये विदेशी धरती पर लगभग 1200 से अधिक म्यूजिक कंसर्ट किए है, जिसमें वे इग्लैंड की क्वीन एलिजाबेथ, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति समेत कई मशहूर हस्तियों के समक्ष अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। रहीस भारती ने राजस्थान के विभिन्न कस्बों से आने वाले प्रतिभाशाली कलाकारों को विदेशी जमीं अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म प्रदान किया है।
विभिन्न अवॉर्ड्स से हो चुके हैं सम्मानित
वर्ष 2000 में उन्होंने धोद बैंड की स्थापना की। उस समय ग्रुप में चार ही कलाकार थे। अब उनके नेतृत्व में लगभग 40 से लेकर 150 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। रहीस भारती ने अपने कौशल, लगन और मेहनत से न सिर्फ अपने खानदानी परिवार के संगीत को आगे बढ़ाया बल्कि विदेशों में भी संगीत का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने डिज्नीलैंड जैसी मशहूर कंपनी के साथ भी अपनी कला का विस्तार करते हुए अपने देश का प्रतिनिधित्व किया है। उन्हें वर्ष 2015 में यूएसए में “सिलीकन वैली ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन कम्यूनिटी अवॉर्ड”, 2016 में पौलेंड में “पॉलिश ग्रेमी अवॉर्ड”, 2018 में “प्राइड ऑफ राजस्थान गौरव अवॉर्ड”, 2019 में जापान में “कल्चरल एम्बेसेडर ऑफ राजस्थान अवॉर्ड” तथा वर्ष 2020 में “राजस्थान स्टेट अवॉर्ड” से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा भी रहीस भारती को कई देशों में सांस्कृतिक राष्ट्रदूतों की उपाधि से भी नवाजा जा चुका है।
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समारोह में किया राजस्थान का प्रतिनिधित्व
रहीस एक साल में करीब 8 महीने विदेशों में ही विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समारोह में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते आ रहे है। इनके खानदान में 7 पीढियों से संगीत का वर्चस्व रहा है। संगीतकार रहीस राजस्थान के लोकसंगीत की परंपरा के साथ-साथ विदेशी संगीत प्रेमियों के बीच उनके विदेशी संगीत की भी प्रस्तुतियां देते हैं। विदेशों में भारतीय दूतावासों के समारोह में भी धोद ग्रुप राजस्थानी लोकसंगीत व संस्कृति का परचम लहराता आ रहा हैं।



