जयपुर : प्रदेश सरकार लापरवाह और भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ जल्द ही एक्शन लेने जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस आईजी और एसपी के साथ लगातार दूसरे दिन हुई रिव्यू बैठक में इसके सख्त निर्देश दिए। सीएम गहलोत ने कहा कि भ्रष्टाचार के लिए जीरो टोलरेंस की नीति लेकर चलना है। काम में लापरवाही या ढिलाई बरतने वालों, भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाए। ऐसे लोगों को ट्रेस आउट किया जाए। ताकि उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा सके। उन्होंने कहा गम्भीर अपराधों में सीनियर पुलिस अधिकारी खुद मौके पर जाकर तफ्तीश सुनिश्चित करें। गहलोत ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के बढ़ते मामलों पर भी चिन्ता जताई। उन्होंने रेंज आईजी और एसपी से नकल रोकने के लिए प्लानिंग के बारे में सुझाव लिए। बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल की रोकथाम के लिए प्रेजेंटेशन दिया।
छूआछूत की घटनाओं को सख्ती से रोके पुलिस
सीएम गहलोत ने कहा कि छुआछूत और बिंदौरी में दूल्हे को घोड़ी से उतारने जैसी घटनाएं मानवता पर कलंक हैं। पुलिस इन्हें रोकने की विशेष कोशिश करे। गंभीर घटनाओं में पीड़ित को प्रतिकर स्कीम में तुरंत सहायता दिलाए। उन्होंने जानकारी दी कि पॉक्सो एक्ट, महिला अत्याचार और एससी-एसटी उत्पीड़न केसों के निपटारे में लगने वाले एवरेज टाइम में कमी आई है। रेप मामलों की तफ्तीश का वक्त साल 2018 में 211 दिन था, जो 2021 में घटकर 86 दिन रह गया है। पुलिस ने 2021 में पॉक्सो एक्ट के 510 केसों में अपराधियों को सजा दिलवाई है, जिनमें से 4 केसों में मौत की सजा और 35 केसों में उम्र कैद हुई।
पुलिस कर्मचारियों के प्रमोशन वक्त पर करने के निर्देश
सीएम गहलोत ने प्रतापगढ़ जिले में प्रो-एक्टिव पुलिसिंग कर वाहन चोरी के आरोपियों के मोबाइल में मिले रेप के वीडियो के आधार पर गिरोह को पकड़ने की तारीफ की। सभी जिलों में ऐसी कोशिश करने को कहा। सीएम गहलोत ने कहा कि सभी जिलों के एसपी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से साइबर और इकोनॉमिक क्राइम के मामलों पर लगाएं। पुलिस हिरासत में मौतों, रेप, बाल अपराध, महिला अत्याचार जैसी घटनाओं को प्राथमिकता और गंभीरता से लिया जाए। ऐसे मामलों में मीडिया को वास्तविक स्थिति की तुरंत जानकारी दी जाए, ताकि लॉ एंड ऑर्डर के हालात नहीं बिगड़े।
उन्होंने पुलिस कर्मचारियों के प्रमोशन वक्त पर करने के भी निर्देश दिए। थानों में स्वागत कक्ष, महिला अपराधों की रोकथाम और जांच के लिए हर जिले में एएसपी पोस्ट क्रिएट करने,एफआईआर रजिस्ट्रेशन अनिवार्यता, सुरक्षा रखी, पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक,महिला और चाइल्ड डेस्क चलाने के इनोवेशंस से बेहतर रिजल्ट लाने की कोशिश के निर्देश दिए।
