जयपुर। कांग्रेस ने भाजपा को मात देने के लिए धार्मिक एजेंडे पर भी काम शुरू कर दिया है। गहलोत सरकार सियासी माहौल को बदलने के लिए इस कड़ी में महाशिवरात्रि से सात दिन तक जयपुर में भागवत कथा करवाने जा रही है। कांग्रेस राज में यह पहला मौका है, जब सरकारी विभाग इस तरह का आयोजन करने जा रहा है। हिंदू वोटर्स को मैसेज देने के लिहाज से इस आयोजन को अहम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार देवस्थान विभाग तीन निजी संस्थाओं के सहयोग से भागवत कथा का आयोजन करवा रहा है। यह भागवत कथा महाशिवरात्रि के दिन 1 मार्च से शुरू होकर 7 मार्च तक चलेगी। 7 मार्च को समापन पर प्रसादी वितरण का भी कार्यक्रम है। कलश यात्रा के साथ भागवत कथा की शुरुआत होगी। उद्योग और देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत भागवत कथा की शुरुआत वाले दिन कलश यात्रा में शामिल होंगी। जयपुर में जलमहल के सामने बलदेवजी मंदिर में भागवत कथा होगी। कई मंत्री और नेता भी इसमें शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और प्रमुख नेताओं को इस भागवत कथा का निमंत्रण दिया गया है। इसके साथ विपक्ष को भी न्यौता जा रहा है। देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत का इस बारे में कहना है कि ये विशुद्ध धार्मिक आयोजन है इसलिए विपक्षी नेताओं को भी आमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है। देवस्थान मंत्री ने कहा, प्रदेश की सुख-शांति के लिए करवा रहे है। देवस्थान के मंदिर का भी जीर्णोद्धार हो रहा है जिसमे यह कथा होने जा रही हैं।
