जयपुर: 26 सितम्बर को राजस्थान में होने जा रही रीट परीक्षा-2021 में लगभग 16 लाख 75 हजार स्टूडेंट्स शामिल होने की उम्मीद है। राजस्थान में 200 जगहों पर 4 हजार से ज्यादा परीक्षा के सेंटर बनाए गए हैं। ट्रांसपोर्ट विभाग ने रीट परीक्षा में ट्रांसपोर्टेशन और वाहनों के आने-जाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। 23 सितंबर से आरटीओ-डीटीओ लेवल पर विशेष कंट्रोल रूम भी शुरू हो जाएंगे। सरकार ने 3500 रोडवेज़ बसों के साथ प्राइवेट बसें,टैक्सी और रेल का सहारा लेकर ये परीक्षा स्टूडेंट्स को दिलवाने की तैयारी की है। लेकिन बस, रेल की छत पर यात्रा नहीं करने दी जाएगी। बड़े शहरों में भीड़-भाड़ और जाम से बचाने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन भी किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने रीट कैंडिडेट्स से अपील की है कि सम्भव हो तो परीक्षा के दिन से 1-2 दिन पहले और 1-2 दिन बाद में यात्रा करें। इससे जाम और भीड़-भाड़ की परेशानी से बच सकते हैं।
परिवहन विभाग ने 12 दिन पहले रीट की तैयारियां की शुरू
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ओर से यह तैयारी की जा रही है कि राजस्थान रोडवेज की 3500 बसों में रेग्युलर पैसेंजर्स के साथ स्टूडेंट्स सफर करेंगे। प्रदेश में सभी जगहों पर निजी बसों, टैक्सी, कैब और रेल से भी सफर करने की व्यवस्था है। रीट परीक्षा के लिए सभी आरटीओ-डीटीओ को अपने क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। 23 सितंबर से कंट्रोल रूम शुरू हो जाएंगे। सभी अधिकारी अपने जिला प्रशासन, रेलवे, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अधिकारियों, टैक्सी, सिटी बस ऑपरेर्ट्स यूनियन ऑपरेटर्स से कॉर्डिनेशन कर के रीट कैंडिडेट्स को दिक्कत आए बिना यात्रा तय करवाएंगे।

