जयपुर। कांग्रेस में एक तरफ आपसी कलह चरम पर है तो दूसरी तरफ इन सबकी परवाह किए बिना मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दो माह के सियासी क्वारंटाइन में रहते हुए स्थानीय निकायों में धड़ाधड़ सहवृत पार्षद के रूप में कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां करने में लगे हैं। आज 30 नगरीय निकायों में 156 पार्षदों का मनोनयन किया है।
इससे पहले प्रदेश के 31 निकायों में 167 तथा 33 निकायों में 196 सहवृत पार्षदों की नियुक्ति के आदेश निकाले जा चुके हैं। कांग्रेस ने स्थानीय निकायों में अपनों को ज्यादा से ज्यादा नियुक्ति दे राजी करने के फार्मूले के तहत कानून में भी संशोधन करवाया था। अब पालिकाओं में चार के स्थान पर 6, नगर परिषद में 6 की जगह 8 और निगम में 12 सहवृत पार्षद नियुक्त सरकार कर सकती हैं।








