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सचिन राजेश पायलट के घर पैदा हुए, असफलता देखी नहीं, सीखते-सीखते समय लगेगा

जयपुर। निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि वे भाग्यशाली है जो राजेश पायलट के घर पैदा हुए। जीवन में उन्होंने कभी असफलता नहीं देखी। अब ये हुआ है उन्हें सीखते-सीखते समय लगेगा। उन्होंने सरकार गिराने के सवाल पर कहा कि ये कर्नाटक नहीं है। इसका मुहंतोड़ जबाव दिया जाएगा।सचिन पायलट का नाम लिया बिना कहा सरकार को अस्थिर करने की कोशिश हुई तो धूल चटा देंगे। गहलोत के कारण घुटने टेकने पड़े। गहलोत के साथ या कांग्रेस के साथ तो लोढ़ा से जबाव देते नहीं बना और कहा कि सब जानते है हम कहा है।

लोढ़ा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रति सभी निर्दलीयों की तरफ से विश्वास जताते हुए कहा कि मंत्रिमण्डल विस्तार करना और किसको मंत्री बनाए ये उनका विशेषाधिकार हैं। कोरोना मैनेजमेंट पर भी निर्दलीय विधायकों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। गहलोत कोविड होने के बाद भी दिन रात जुटे रहे।

पटवारियों और ग्राम सेवकों की भर्ती तथा संविदा वालों का स्थायी की मांग

उन्होंने पटवारियों व ग्रामसेवकों के पदों को तत्काल भरने तथा संविदा कर्मियों को नियमित किए जाने की मांग भी सरकार से की। बढ़ती महंगाई को लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ आंदोलन के लिए एकजुट होने का आव्हान किया गया तथा केन्द्र में 15 लाख खाली पदों को भरने की भी मांग की हैं।

खण्डेला आज संभलकर बोले

पूर्व केन्द्रीय मंंत्री महादेवसिंह खण्डेला बोले- राजस्थान के सीएम गहलोत हैं। कांग्रेस की सरकार है और हम कांग्रेस के साथ है, गहलोत के साथ हैं। महादेव सिंह की भाषा आज कुछ बदली हुई सी लगी और कहा कि अशोक गहलोत कांग्रेस के ही तो मुख्यंमंत्री हैं।

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ये थे बैठक में मौजूद

निर्दलीय विधायको में संयम लोढ़ा, रामकेश मीणा, ओमप्रकाश हुडला, राजकुमार गौड, रमिला खडिय़ा, सुरेश टांक, खुशवीर सिंह जोजावर, महादेव सिंह खण्डेला, कांतिचंद मीणा,लक्ष्मण मीणा, आलोक बेनीवाल बैठक में मौजूद थे। बाबूलाल नागर व बलजीत यादव जयपुर से बाहर होने के कारण बैटक में नहीं आए।

गुढ़ा ने खेल बिगाड़ा

इन निर्दलीय विधायकों को अपनी रणनीति भी एकाएक बदलनी पड़ी, पहले ये बैठक अशोका होटल में होनी थी,लेकिन बसपा से कांग्रेस में आए राजेन्द्र गुढ़ा के वहां अचानक पहुंच जाने के कारण ये बैठक सर्किट हाउस में हुई। गुढ़ा से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें तो संयम लोढ़ा ने फोन किया था इसलिए चले आए जबकि नई रणनीति के तहत बसपा से आए कांग्रेस विधायकों को इस बैठक में शामिल नहीं करना था।

मंत्री बनने की झटपटाहट

गुढ़ा से जब निर्दलीयों की इस बैठक के बारे में पूछा गया तो उनका जबाव था कि मंत्रिमण्डल में शामिल होने की निर्दलीयों में भी झटपटाहट हैं।

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