जयपुर: राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित, देश के सबसे युवा पेटेंट धारक ह्रदयेश्वर सिंह भाटी (Hridayeshwar Singh Bhati) का बुधवार को हार्टअटैक से निधन हो गया। जयपुर शहर के रहने वाले 19 वर्ष के भाटी ने शतरंज के क्षेत्र में सात नयी खोज और तीन पेटेंट अपने नाम कर इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्डस और इंडिया रिकॉर्डस में नाम दर्ज करवाया था।
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि करीब एक बजे देर रात ह्रदयेश्वर सिंह भाटी को हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया। भाटी मांसपेशियों की लाइलाज बीमारी ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित थे। जिसकी वजह से उनका जीवन व्हील चेयर पर सिमट गया था।
हृदयेश्वर सिंह भाटी ने सात आविष्कार के साथ तीन पेटेंट अपने नाम किए और कई पुरस्कार जीते। मात्र नौ साल की उम्र में गोलाकार शतरंज की खोज कर, पेटेंट हासिल करने वाले भाटी को ‘‘मिनी स्टीफन हॉकिंग’’ कहा जाता था। केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने हृदयेश्वर को बाल श्रेणी के अंतर्गत- उत्कृष्ट रचनात्मक बाल (पुरुष) -2019 सशक्त दिव्यांगता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया था।
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