जयपुर : पायलट समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन से बातचीत में केवल विधायकों से वन टू वन को अधूरा बताते हुए एक नया शगूफा छोड़ दिया हैं। सोलंकी ने कहा, केवल जीते हुए विधायक ही सम्पूर्ण कांग्रेस नहीं है। उन हारे हुए कांग्रेस प्रत्याशियों से भी विचार मंथन किया जाना चाहिए ताकि पूरे प्रदेश का फीडबैक आ सके।
सोलंकी की ओर से माकन के साथ हुए सवांद में दिए गए इस सुझाव से हारे हुए अन्य प्रत्याशियों के साथ उन प्रत्याशियों को अपनी बात रखने का मौका मिल सकता है जो निर्दलीयों व बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों से हार गए थे। ये प्रत्याशी पिछले दिनों अपनी बात रखने के लिए दिल्ली पहुंचे थे और इनमें से एक शाहपुरा जयपुर से प्रत्याशी मनीष यादव ने इन सभी प्रत्याशियों की पीड़ा माकन के समक्ष रखी भी थी। उनकी पीड़ा थी कि समर्थित निर्दलीयों व बसपा से आए विधायकों के कारण कांग्रेस सिंबल बालो की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। सोलंकी की ओर से उठाई गई इस आवाज़ के बाद 200 की कांग्रेस के दायरे से बाहर हुए अन्य पूर्व, पूर्व सांसद व अन्य पदाधिकारियों को बल मिलने की संभावना हैं।
सोलंकी के इस सुझाव को माकन व कांग्रेस आलाकमान कितना वेटेज देती है या नहीं। इस पर कांग्रेसजनों की नजर हैं। फिर भी कांग्रेस में अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहे कांग्रेसियों की बात को बल मिलने की एक नई उम्मीद जगी हैं।
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