जयपुर : REET परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच कर रही एसओजी की तारीफ करने वाले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने एक दिन बाद अपने बयान से यू टर्न ले लिया। अब कटारिया भी इस मामले में सीबीआई जांच करवाने की मांग कर रहे हैं। REET भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और धांधली को लेकर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ बीजेपी नेता गुलाबचन्द कटारिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग पर निशाना साधा।
गुलाबचन्द कटारिया ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में REET परीक्षा के पेपर की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासनिक अधिकारियों एडीएम और पुलिस को वहां की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन केवल जयपुर जिले और शिक्षा संकुल की व्यवस्था की जिम्मेदारी बोर्ड अध्यक्ष धर्मपाल जारौली और सरकार की मिलीजुली योजना के अनुसार जिन लोगों ने दी, वह सारे लोग कांग्रेस विचारधारा के एक शिक्षक संगठन- राजीव गांधी स्टडी सर्किल से जुड़े पदाधिकारी हैं। मुख्यमंत्री गहलोत राजीव गांधी स्टडी सर्किल के ऑल इंडिया चेयरमैन हैं। संस्था के नेशनल कॉर्डिनेटर मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग हैं। जिन्होंने 19 फरवरी 2021 को जारी कॉर्डिनेटर की सूची में से 3 लोगों को पेपरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी। इनमें प्रदीप पाराशर, ध्यानचन्द गोठवाल और सुभाष यादव है। चौथा प्राइवेट आदमी रामकृपाल मीणा है। जिसका खुदका कॉलेज है।
पूरा स्कैंडल पॉलिटिकली हुआ
कटारिया ने आरोप लगाया कि REET पेपर चोरी में सभी के शामिल होने और करोड़ों रुपए में बेचने का षड़यंत्र हुआ है। ये संस्था के जिम्मेदार लोग हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री गहलोत ने नियुक्त किया था। ये पूरा स्कैंडल पॉलिटिकली हुआ है। जैसा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष रहे धर्मपाल जारौली ने आरोप लगाया है कि पेपर आउट में राजनीतिक संरक्षण है। राज्य का मुखिया जिस संगठन का मुखिया हो,अगर उसी के नॉमिनेटेड सदस्य स्कैंडल में शामिल हैं। तो इसका मतलब है कि अब ये स्कैंडल यहां की पुलिस के हाथों से बाहर जा रहा है।
कटारिया ने कहा कि राजस्थान में अध्यापकों की भर्ती के लिए REET परीक्षा में लाखों बच्चों ने परीक्षा दी है। उनके भविष्य का सवाल है। इसलिए केस को तुरंत सीबीआई को देकर इसकी जांच टाइम बाउंड करवाने की कोशिश की जाए। तभी जाकर राजस्थान के मुख्यमंत्री के ऊपर भी जो छींटा आ रहा है, उसके बारे में सच्चाई राजस्थान की जनता जान सकेगी।
