जयपुर : जयपुर स्टॉक एक्सचेंज लि. को 29 साल पहले जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) ने जो जमीन ऑफिस बनाने के लिए दी थी, उसे आज JDA ने वापस ले लिया। आरोप है कि आवंटन शर्तों का उल्लंघन करते हुए यहां गैरकानूनी तरीके से ऑफिस बनाकर बेचे गए हैं। वहीं, जिस ऑफिस के लिए ये जमीन दी गई थी, वह पांच साल पहले बंद हो गया है। JDA की इस कार्रवाई से वहां संचालित 100 से ज्यादा ऑफिस संचालकों में हड़कंप मच गया। जयपुर के मालवीय नगर JLN मार्ग पर बनी इस पांच मंजिला बिल्डिंग में ज्यादातर ऑफिस शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले ब्रोकर, फाइनेंस सेक्टर और कुछ CA के ऑफिस चलते थे, जिन्हें आज बंद कर दिया।
जेडीए और सरकार की अनुमति के बिना ऑफिस बेच दिए
JDA जोन 1 के तहसीलदार पवन कुमार ने बताया कि जिस उद्देश्य के लिए इस जमीन का आवंटन किया था वह काम अब यहां नहीं हो रहा। SEBI ने रीजनल स्टॉक एक्सचेंज को बंद कर दिया। इसके अलावा मैनेजमेंट ने जेडीए और सरकार की बिना अनुमति के यहां बने ऑफिस को बेच दिया, जो आवंटन की शर्तों के खिलाफ था। इसी आधार पर आज ये ऑफिस सील करते हुए इसका कब्जा लिया गया ।
जेडीए की आवंटन शर्तो के खिलाफ
JDA ने ये जमीन साल 1992 में रियायती दर (2400 रुपए प्रतिवर्ग मीटर) की दर से दी थी। 12,460 वर्गमीटर इस जमीन पर पांच मंजिला स्टॉक एक्सचेंज के संचालन के लिए बिल्डिंग बनाई थी। इसमें करीब 300 से ज्यादा ऑफिस बनाए गए, जिसमें 50 फीसदी से ज्यादा खाली पड़े हैं। कंपनी के मैनेजमेंट ने इनमें से कुछ ऑफिस को रजिस्ट्री के जरिए बेच भी दिया था, जो JDA की आवंटन शर्तों के खिलाफ था।
बैंक परिसर को छोड़ा
JDA की ओर से यहां 1 लाख 19 हजार वर्गफीट एरिया में संचालित एक निजी बैंक के ऑफिस एरिया को छोड़ते हुए शेष पूरी बिल्डिंग को कब्जे में लिया है। आवंटन शर्तो में बैंकिंग गतिविधियों के लिए यहां एक बैंक संचालित करने और उसके लिए स्पेस उपलब्ध करवाने की शर्त थी। इसी शर्त के तहत निजी बैंक को यह जगह उपलब्ध करवाई गई है, जिसे कब्जे में नहीं लिया है।
