जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राजसमंद जिले में राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना के तहत अगर व्यक्तिगत कार्याें की स्वीकृत राशि मिलने में देरी हुई है तो विभाग द्वारा उसकी मॉनीटरिंग सुनिश्चित कर समय पर राशि दिलाने के प्रयास किये जायेंगे।
मीणा ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि राजसमंद जिले में राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना के तहत 678 कार्य अभी प्रकियाधीन है तथा जैसे ही प्रकिया पूरी होगी, संबंधित लोगों को पैसा मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड के माध्यम से व्यक्तिगत लाभ के काम में 2 हजार 498 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है तथा एक लाख 6 हजार 281 मानव दिवस सृजित किये गये है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कार्याें के पूरे होने की अवधि 9 माह निर्धारित है तथा योजना के तहत व्यक्तिगत काम एवं लाभ की कार्यावधि एक वर्ष निर्धारित है लेकिन व्यक्तिगत कार्याें में समय पर केन्द्र सरकार से पैसा न मिलने के कारण व्यक्तिगत कार्याें में देरी हो जाती है।
इससे पहले मीणा ने विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि जिला राजसमन्द की तहसीलों में वर्ष 2019-20,2020-21 व 2021-22 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजनान्तर्गत व्यक्तिगत लाभार्थियों के 14 हजार 706 कार्य स्वीकृत किये गये है । उन्होंने बताया कि इन कार्यों पर स्वीकृत 4531.89 लाख रुपये के विरूद्ध 1720.32 लाख रुपये का व्यय किया गया। उन्होंने इसका विवरण सदन के पटल पर रखा।
ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र राजसमन्द की ग्राम पंचायतों में इस अवधि में व्यक्तिगत लाभार्थियों को योजना के अन्तर्गत 409.64 लाख के 1482 कार्य स्वीकृत किये गये। उन्होंने बताया कि इन स्वीकृत कार्यों में से 635 कार्य पूर्ण हुये है, जिन पर 218.76 लाख रुपये का व्यय हुआ है तथा इन कार्यों से 106281 श्रम दिवस सृजित हुये है। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र राजसमन्द की ग्राम पंचायतों में इस अवधि में योजनान्तर्गत व्यक्तिगत लाभार्थियों को स्वीकृत कार्यों की राशि, प्रकार, वर्तमान स्थिति एवं दिये गये रोजगार का विवरण सदन के पटल पर रखा।
