जयपुर। पेगासस फ़ोन टेपिंग जासूसी प्रकरण में कांग्रेस-भाजपा राजस्थान में भी आमने सामने है। भाजपा नेता राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कांग्रेस की इस मुद्दे पर 22 जुलाई को राजभवन घेरने की घोषणा के काउंटर में बोलते हुए कहा कि नामचीन लोगों के टेलीफोन की जासूसी का आरोप बिना कोई तथ्य, बिना किसी जांच के कांग्रेस लगा रही है।
यह एक नए किस्म का टूलकिट है। कांग्रेस ने बौखलाहट में इसका इस्तेमाल पहले भी किया था।
उन्होंने कहा, आज करोड़ो फ़ोन मोबाइल है जिसका डाटाबेस बहुत सी जगह है। इसमें लीक होने की बात कहां से आ गई। संसद में लोक कल्याण के मुद्दों पर होने वाली चर्चा से ध्यान भटकाया जा रहा है। यह राजनीति की गिरावट है। राठौड़ ने कहा,यह वहीं NGO है जिसने पहले भी देश के खिलाफ माहौल बनाया। विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता ने कहा ,2013 में RTI से सामने आया था कि UPA के दौरान हर माह 9000 फोन सर्विलांस पर लिए गए थे। राठौड़ ने गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी राजस्थान में सरकार के भीतर अंतर्विरोध चरम पर है।
माकन ने रिट्वीट किया उसमे CM पर भी वार हैं। इन सब से ध्यान भटकाने के लिए जांच की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने राजस्थान में हुए टेपकांड का जिक्र करते हुए कहा कि उनके ओएसडी लोकेश शर्मा ने जो क्लोपी जारी की थी।
उसके आधार पर एसओजी में और एसीबी में केस दर्ज किए थे। एक केस दिल्ली में दर्ज है जिसमे ओएसडी आरोपी हैं। हाल में खुद के विधायक ने आरोप लगाए थे कि हमारे फोन टेप हो रहे हैं।
सरकार खुलासा करें कि किसके फ़ोन टेप हुए हैं। जिसका ओएसडी जांच में फंसा है वह मुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग कर रहा हैं। पहले स्वयं तो फोन टेपिंग का खुलासा कर दे। केवल छवि को धूमिल करने का प्रयास है।
पंजाब फार्मूले का जिक्र करते हुए कहा कि सीएम खुद असहय हैं। उनकी कुर्सी खतरे में हैं। उन्होंने कहा,कांग्रेस के राजभवन भवन घेराव सत्तारूढ़ दल करे यह पहले कभी हुआ नहीं।
