जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर नाम लिए बिना विरोधियों पर सियासी निशाना साधाते हुए कहा कि तीसरी बार प्रदेश का सीएम मुख्यमंत्री बना। मुख्यमंत्री बन नहीं पाता। मेरी जाति का एक एमएलए है और वह मैं खुद ही हूं। अगर छत्तीस कौम मुझे प्यार नहीं करती, प्रदेशवासी मुझ पर विश्वास नहीं करते, प्यार नहीं करते तो आज मैं यहां आपके सामने खड़े होकर दो बातें कहने की स्थिति में नहीं होता। गहलोत आज अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे।
गहलोत ने कहा-अंबेडकर के नाम पर यूनिवर्सिटी देने का सपना आखिर पूरा हुआ। मुझे लगता है उस सपने को पूरा करने के लिए ही प्रदेश की जनता ने लोगों ने मुझे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाया है। कई साथियों ने इस यूनिवर्सिटी का वीसी बनने से मना कर दिया था। कोई वीसी बनने से मना कर दे तो वह आश्चर्य की बात है। ऐसे उदाहरण भी देखे, मना करने वालों के नाम नहीं बताउंगा। गहलोत ने कहा- पिछली बार हमने अंबेडकर के नाम से लॉ यूनिवर्सिटी और हरिदेव जोशी के नाम से पत्रकारिता यूनिवर्सिटी शुरू की। इसी बीच हमारी सरकार बदल गई और पता नहीं किन कारणों से दोनों विश्वविद्यालयों को बीजेपी सरकार ने बंद कर दिया। अभी तक समझ नहीं आ रहा है। देश में अब तक कोई विश्वविद्यालयों बनने के बाद आज तक बंद नहीं हुआ लेकिन अंबेडकर और हरिदेव जोशी दोनों ही महान हस्तियों के नाम पर महत्वपूर्ण विषयों के विश्विद्यालय क्यों बंद कर दिए, यह समझ से परे है। मुझे फिर से सीएम बनने का मौका मिला तो हमने दोनों विश्व विद्यालयों के एक्ट बनाए और इन्हें फिर से शुरू किया।
