जयपुर: संस्कार भारती जयपुर विभाग द्वारा स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव एवं दीपावली मिलन समारोह का आयोजन चेंबर भवन ऑफ राजस्थान के भैरू सिंह शेखावत सभागार में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी बालमुकुंद आचार्य हाथोज धाम, निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार की महामंडलेश्वर मां मधुरा, मुख्य वक्ता कैलाश चंद शर्मा क्षेत्र प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विशिष्ट अतिथि ललित सिंह तालेड़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हैं आज की पीढ़ी को संस्कार युक्त बनने पर जोर दिया लोग हमारी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं उसे जोड़ना हम प्रबुद्ध जनों का कर्तव्य बनता है।
कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ मधु भट्ट तैलंग अध्यक्ष संस्कार भारती ने अतिथियों का मोती की माला और शॉल पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया जिसमें कवि किशोर पारीक, सुजाता टिबरेवाल, डॉ श्याम सुंदर शर्मा, नारायण सिंह पीथल, देवेंद्र मिलन और हास्य झलकी तंबाकू और गेस्ट हाउस का विशाल भट्ट के निर्देशन में मंचन किया गया।
प्रारंभ में अश्वनी दलवी ने संस्कार भारती का परिचय दिया lकार्यक्रम संयोजक प्रदीप सिंह राजावत ने स्वतंत्रता के अमृत उत्सव के बारे में बताते हुए कहा कि राजस्थान में अंग्रेजो के खिलाफ आंदोलन के जन्मदाता ठाकुर प्रताप सिंह बारेठ ने कहा था कि मेरी मां रोती है तो रोने दो.. अपनी एक मां को हंसाने के लिए मैं हजारों मां को नहीं रुलाना चाहता बताई तो बैठे दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए। इस अवसर पर शिव तांडव का विशेष प्रदर्शन किया गया। संस्कार भारती के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

