जयपुर। RSRTC ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर रोडवेज कर्मियों के लिए ओल्ड पैंशन स्कीम के विकल्प खोलने की मांग की गई है। आरएसआरटीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री के राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए उद्बोधन: “राजस्थान सरकार नागरिकों को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा देने के अपने कर्तव्य को अच्छे से जानती है। कांग्रेस पार्टी की विचारधारा भी इसी तरह की रही है। एक सरकारी कर्मचारी 30-35 वर्षो तक सेवा करता है और सेवािनवृति के बाद पैंशन के आधार पर जीवन व्यतीत करता है।
प्रत्येक निर्वाचित सरकार का यह है कि वह सुनिश्चित करे कि उसके कर्मचारी सुरक्षा की भावना के साथ जीवन निर्वाह करें। ताकि वे भी सुशीसन में मूल्यवान योगदान दे सके।“ इसी बात की याद दिलाते हुये बोर्ड/निगम/स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी ओल्ड पैंशन विकल्प दिये जाने के लिये कहा है।
मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2022-23 के बजट घोषणा के तहत राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 2004 के पश्चात कार्यरत सरकारी विभागों के कर्मचारियों को पूर्व की भॉति पैंशन योजना का लाभ दिये जाने हेतु घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा वित्त एवं विनियोग विधेयक चर्चा पर की गई घोषणा के बिन्दु संख्या 90 में प्रदेश के विभिन्न बोर्ड/निगम/स्वायत्तशासी संस्थाओं जैसे आरएसएमएम, आरटीडीसी, तिलमसंघ, विद्युत कम्पनियों एवं विभिन्न विश्वविधायलो के कार्मिकों को पेंशन ना मिलने अथवा पेंशन के विकल्प सम्बन्धी समस्याओं के समाधान के लिए परीक्षण करवाकर समुचित निर्णय किये जाने के लिए कहा गया है।
एसोसिएशन द्वारा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में वर्ष 2004 के बाद नियुक्त हुये कर्मचारियों को एनपीएस में शामिल किया गया था। लेकिन 2017 में बिना विकल्प के सीपीएफ में शामिल कर दिया गया। निगम में 2004 से पहले के कर्मचारी पेंशन एवं सीपीएफ दोनो के अन्तर्गत आते है। 2004 व उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को एनपीएस के स्थान पर सीपीएफ में शामिल करने एवं 2004 से पूर्व के कर्मचारी जो सीपीएफ सदस्यों से पुरानी पेंशन लेने का विकल्प उपलब्ध कराये जाने के निर्देश जारी करने के लिये कहा गया है।
