जयपुर : मौसम विभाग की माने तो बंगाल की खाड़ी में एक अच्छा मानसून सिस्टम बना है, जो धीरे-धीरे राजस्थान की तरफ बढ़ रहा है। संभावना जताई जा रही है कि इस सिस्टम प्रभाव के कारण एक सितंबर से राज्य के पूर्वी हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है। साथ ही पश्चिमी क्षेत्र में हवाओं के कमजोर होने के कारण यह सिस्टम पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में भी मेहरबान हो सकता है। इससे नागौर, पाली, जालोर, जोधपुर क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है।
जयपुर मौसम विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में इस सिस्टम का असर 31 अगस्त से दिखना शुरू हो जाएगा। 31 अगस्त से कुछ इलाकों में हल्के दर्जे की बारिश होगी। एक सितंबर से कोटा, भरतपुर, जयपुर संभाग के जिलों में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। इस सिस्टम का असर पहले वाले सिस्टम से (19 से 23 अगस्त तक जो बना था) ज्यादा प्रभावी रहेगा, जिसके कारण बारिश भी ज्यादा अच्छी होने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही इस बार पश्चिमी हवाओं का पेटर्न भी थोड़ा बदला है और यही स्थिति रही तो पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भी इस बार मानसून की मेहरबानी देखने को मिल सकती है।
इन क्षेत्रों में है सूखे के हालात
इस बार सावन का पूरा महीना बारिश के लिहाज से निराशा जनक रहा है। केवल शुरूआती दिनों में 7-8 दिन पूर्वी राजस्थान के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई। इसके बाद आखिरी 3-4 दिन बारिश का दौर चला। इसके अलावा बीच में पूरे समय सावन सूखा ही रहा। राज्य में अब तक औसतन 304.5MM बारिश हुई है, जो सामान्य औसत बारिश (325MM) से 6 फीसदी कम है। पश्चिमी राजस्थान के 10 जिलों में तो स्थिति ज्यादा खराब रही है, जहां औसतन 21 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है, जिसके कारण बीकानेर, गंगानगर, जैसलमेर, जोधपुर, जालोर, बाड़मेर और पाली में सूखे के हालात हो गए है।
