जयपुर : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA) जयपुर में शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन लिमिटेड (NPCC) के प्रोजेक्ट मैनेजर को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ ट्रैप कर लिया। आरोपी ने ठेकेदार का बिल पास करने की एवज में रिश्वत मांगी थी। डीजी बीएल सोनी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का नाम अमृतलाल मीणा है।
आरोपी अमृत लाल मीणा मूल रुप से सवाईमाधोपुर में मंडावरी का रहने वाला है। जयपुर में प्रताप नगर इलाके में गोनेर रोड पर सरस्वती अपार्टमेंट में फ्लैट लेकर रहता है। वह AEN रैंक का अफसर है। अमृतलाल मीणा राजस्थान में सेंट्रल गर्वनमेंट की नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन लिमिटेड का प्रोजेक्ट मैनेजर है। यह एजेंसी केंद्र से जुड़े सरकारी भवनों में कंस्ट्रक्शन का काम करती है।
ठेकेदार से 24 लाख का बिल पास करने के ऐवज में मांगी रिश्वत
ACB ने बताया कि पिछले दिनों एक कांट्रेक्टर ने एसीबी मुख्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि उसने जयपुर में जोरावर सिंह गेट के पास राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में कंस्ट्रक्शन वर्क करवाया था। इसका बिल करीब 24 लाख 27 हजार रुपए बना था। जिसमें साढ़े चार प्रतिशत कमीशन के हिसाब से प्रोजेक्ट मैनेजर अमृतलाल मीणा अपना 1 लाख रुपए का हिस्सा मांग रहा था। इससे पहले भी वह कई बार ठेकेदार को परेशान कर चुका था।
कंस्ट्रक्शन साइट पर ही रिश्वत लेते जयपुर देहात एसीबी की टीम ने धरदबोचा
एसीबी में शिकायत मिलने पर एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में शिकायत की जांच जयपुर देहात एसीबी के प्रभारी एएसपी नरोत्तम वर्मा को सौंपी गई। सत्यापन में शिकायत सही मिलने पर शुक्रवार को ट्रेप रचा गया। जानकारी के अनुसार अमृतलाल मीणा ने NIA में भी अपना अस्थाई ऑफिस बना रखा था।
वह शुक्रवार को यहां काम देखने पहुंचा था। यहीं पर ठेकेदार को रकम लेकर बुला लिया। रिश्वत में 1 लाख रुपए लेते ही रकम को अपने पास रखा। तभी ईशारा मिलने पर एसीबी के पुलिस इंस्पेक्टर नीरज भारद्वाज की टीम ने घूसखोर अमृतलाल मीणा को धरदबोचा। रिश्वत की रकम बरामद कर ली। उसके ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।
