जयपुर। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा है कि अगर केन्द्र की मोदी सरकार को देश की परिसम्पत्तियां बेचने से नहीं रोका गया तो ये भाजपा वाले लोग हवामहल, आमेर व चित्तौडग़ढ़ के पुरामहत्व के किलोंं तक को बेच डालेंगे। उन्होने आरोप लगाया कि इसके अलवा बड़ी मुश्किल से कांग्रेस ने देश आजाद होने के बाद सम्पदा खड़ी की हैं उन सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों को भी एक-एक करके बेचने का मोदी सरकार का इरादा हैं। ये 6 लाख करोड़ रुपए में सम्पत्तियों को किराए के नाम पर बेचने पर तुले हुए हैं।
कोई इनसे पूछे की 50 साल तक कभी कोई किसी सम्पत्ति को किराए पर देता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये वे ही लोग है जिन्होंने कोलकाता की एक कम्पनी को लालकिला देने की तैयारी कर ली थी, लेकिन जब देश में हंंगामा मचा तब ये लोग रूके। इन सम्पदाओं को बचाने के लिए सबको खासकर देश की जनता को जागृत होना होगा तभी इनकों रोका जा सकता हैं वर्ना ये पूरे देश को बेच डालेंगे।
शुक्ला नेशनल मोटेजाइनेशन नीति के विरोध में कांग्रेस का पक्ष जनता तक पहुंचाने पत्रकारों से बातचीत करने जयपुर आए थे। उन्होंने पीसीसी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मोदी सरकार की तो नीति तोा एयरपोर्ट,रेल्वे स्टैशन, रेले, तेल और गैस की पाइप लाइनें, सड़के सबकुछ निजी हाथों में सौंपने की है। उन्होंने इन सबके निजी क्षेत्रों में चले जाने से होने वाले दुष्प्रभावों को गिनाते हुए कहा कि निजी क्षेत्र के लोग मनमानी करेंगे। जब इनसे एयरपोर्ट व रेल्वे ही नहीं चल पा रही तो सरकार चलाने का फिर इनहें क्या हक है।
जनता की अदालत में ही रखेंगे मुद्दा
शुक्ला ने इस मसले को लेकर कोर्ट के दरबाजे खटखटाने से यह कहकर इंकार कर दिया कि जनता की अदालत से बड़ी कोई अदालत नहीं होती। मीडिया के माध्यम से जनता की अदालत में ही गुहार लगाने आए है ताकि इन्हीं रोका जा सके। कांग्रेस नेता ने महंगाई खासकर पैट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर केन्द्र को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाकर केन्द्र की मोदी सरकार ने देश की गरीब जनता से 22 लाख करोड़ छीने हैं जबकि आधी कीमत पर क्रूड की खरीद की हैं। इतने कमाने के बाद भी जनता को कोई राहत नहीं दी।
केंद्र सरकार ने लोगो के रोजगार छीन लिए
उन्होंंने कहा कि लोगों के रोजगार छीन गए। केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण नौकरी तो दूर की बात, लाखों-करोड़ों लोग बेेरोजगार हो चुके हैं। नेाटबंदी और कोरोना के कारण अनेकों कम्पनियां बंद हो चुकी हैं। कांग्रेस में आपसी खींचतान पर शुक्ला ने कहा कि इससे कौनसा दल अछूता हैँ। छोटे-मोटे मतभेद तो हर पार्टी और दल में हैं। शुक्ला ने अन्य स्थानीय सवालों के जवाब यह कहकर टाल दिए कि इनका जवाब डोटासरा देंगे।
