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त्री-तंत्री के सुरों से नेट-थियेट हुआ झंकृत

त्री-तंत्री के सुरों से नेट-थियेट हुआ झंकृत

जयपुर: नेट-थियेट कार्यक्रम की 82वीं श्रृंखला शास्त्रीय संगीत के संवर्द्धक पद्मश्री स्व. प्रकाश चंद्र सुराणा और कला मर्मज्ञ स्व. कौशल भार्गव को समर्पित तीन सितार एक सांझ में जब राग यमन के स्वर सितार के तारों से निकले तो सुरीले सुरों से शास्त्रीय संगीत गुलजार हुआ।

नेट-थियेट के राजेन्द्र शर्मा राजू ने बताया कि राजस्थान में स्व. सुराणा एव स्व भार्गव ने कई दशकों तक शास्त्रीय संगीत के प्रचार प्रसार और संरक्षण के लिए जीवन पर्यंत कार्य किया तथा बैले समारोह के आयोजन कर देश के लब्ध प्रतिष्ठित शास्त्रीय गायकों एवं बैले की विधाओं से जन साधारण को रूबरू करवाकर शास्त्रीय संगीत के प्रति लोगों जागरूक किया।

त्री-तंत्री के सुरों से नेट-थियेट हुआ झंकृत

कार्यक्रम में राजस्थान के वरिष्ठ सितार वादक पण्डित हरिहर शरण भट्ट एवं उनके शिष्य गौरव भट्ट और कार्तिक भट्ट ने कार्यक्रम की शुरूआत राग यमन से की। इसमें आलाप, जोड, झाला की सुंदर प्रस्तुति से दर्शकों को रिझाया। इसके बाद तीन ताल द्रुत गति में एक धुन बजाई और अंत में राग पीलू में ठुमरी दादरे में कम्पोजिशन बजाकर भावभीनी श्रद्धांजली दी।

जयपुर शहर में यह पहला मौका था जब एक मंच पर तीन सितार वादकों ने अपनी उंगलियों से मधुर स्वरों को मुखरित किया।

इनके साथ युवा तबला वादक मानवेन्द्र डांगी ने सधी हुई संगत कर कार्यक्रम को उंचाईयां दी। कार्यक्रम का संचालन श्वेता पारीक ने किया। कार्यक्रम में कलाकारों को इम्पीरियल प्राइम कैपिटल की ओर से मनीष अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। प्रकाश मनोज स्वामी व दृश्य सज्जा अंकित शर्मा नोनू, जितेन्द्र शर्मा, सौरभ कुमावत, अर्जुन का रहा।

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