जयपुर: खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने भीलवाड़ा के लाछोड़ा गांव में 7 श्रमिकों की अवैध खनन में हुई मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए यह स्पष्ट किया कि जिन निजी खातेदारों की भूमि में यह दुःखद घटना हुई है उनके विरूद्व इसी वर्ष मार्च माह में सख्त कार्यवाही की गयी थी। दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया व रायल्टी की दस गुणा लगभग 7.50 लाख रू. की पैनल्टी लगाई गई। यह स्थान बहुत ही इंटीरियर में है इसके बावजूद सजग रहते हुए अभी 15 जुलाई को विभाग के फोरमेन से मौका मुआयना कराया गया तब कोई अवैध खनन नहीं था परन्तु दुर्भाग्य से न्यायिक प्रक्रिया के तहत जमानत प्राप्त करने के पश्चात् जमानत की भावना के विरूद्व खातेदारों द्वारा पुनः अवैध खनन करवाया गया जिसमें यह दुःखद घटना हुई। तत्कालिक सहायता राशि मृतक परिवारों को दे दी गयी है और दोषियों के विरूद्व सख्त कार्यवाही मय पुलिस कार्यवाही की जा रही है।
भीलवाड़ा जिले में वर्तमान सरकार के समय में 2,932 मामलें अवैध खनन व परिवहन के पकड़े गये 576 मामलों में एफ.आई.आर.कराई गई, 3000 वाहन मशीन आदि जब्त किये गये और जुर्माने के रूप में 29.26 करोड़ रू. की राशि वसूल की गयी। पूरे राज्य के संदर्भ में देखे तो वर्तमान सरकार के समय 31,447 मामलें पकड़े गये, 2,441 मामलों में एफ.आई.आर.दर्ज कराई गई। 31,676 वाहन, उपकरण, मशीनरी जब्त की गयी और जुर्माने के रूप में 217 करोड़ रू. से अधिक की राशि वसूल की गयी।
राज्य मे सभी जिलों में अवैध खनन के प्रति सख्त कार्यवाही करने हेतु संबंधित जिला प्रशासन के अधीन अंतर्विभागीय समितियां बनाई गई है जिनकी नियमित समीक्षा अतिरिक्त मुख्य सचिव, खान व राज्य के मुख्य सचिव भी करते है। खान मंत्री के स्तर पर विभागीय समीक्षा में भी अवैध खनन पर विशेष ध्यान दिया जाता रहा है। बजरी के अवैध खनन व परिवहन को रोकने के लिए वर्तमान सरकार के समय में विशेष अभियान चलाये गये। पुलिस जाब्ते व आर.ए.सी. की चौदहवीं बटालियन की सेवाएं लेने के अतिरिक्त अवैध खनन पर विशेष ध्यान देने के लिए बॉर्डर होमगार्ड भी लगाये गये हैं।
जहां भी अवैध खनन मिलता है वहां खानों को बन्द करने के अलावा वाहनों पर विशेष पैनल्टी के रूप में एक लाख रू. की फीस लगाने के साथ-साथ अवैध खनन की मात्रा का आंकलन कर रायल्टी की दस गुणा पैनल्टी भी लगाई जाती है। विभाग की सर्तकता शाखा को और प्रभावी बनाकर पुनर्गठित करने के व उसे संसाधन उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है साथ ही साथ आधुनिक तकनीक, ड्रोन आदि के उपयोग सहित कई नवाचारों को भी शीघ्र उपयोग में लाये जाने की कार्य-योजना बनाई जा रही है।
जहां तक कुछ विपक्ष के नेताओं द्वारा उकसाने वाले बयान दिये गये है तो यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि राज्य में अवैध खनन को एक संस्थागत माफिया के रूप में बजरी खनन के लिए भाजपा सरकार के समय ही पनपाया गया है। अवैध खनन जो राज्य में एक फोड़ा था भाजपा सरकार के समय में ही नासूर बनकर कैंसर के रूप में तब्दील होकर कांग्रेस सरकार को विरासत में मिला। हम पूरी ताकत लगा रहे है कि अवैध खनन रूके, बजरी के लिए भी वैध बजरी उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त किया गया। एम.सेण्ड की पॉलिसी लायी गयी और अन्य खनिजों के अवैध खनन व परिवहन पर रोक लगाने के लिए विभाग कई नवाचार और करने जा रहा है। अवैध खनन के प्रति हम सख्त थे और सख्त रहेंगे।
