जयपुर: राजधानी जयपुर में बढ़ती चोरियों और लूट की वारदातों को लेकर जयपुर वेस्ट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सभी गिरफ्तार बदमाश शहर में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस ने नकबजन गिरोह के सरगना समेत 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
जयपुर पुलिस की गिरफ्त में आए बदमाश हरमाड़ा निवासी दिनेश वर्मा (23),नीरज पासवान (23) , करौली निवासी करण (19) और हरमाडा निवासी गणेश (20) हैं। नकबजनों से पूछताछ में लूट, नकबजनी की 100 से अधिक वारदातों का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच और आरोपियों से पूछताछ में चौंकाने वाली बात निकल कर सामने आई है। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह हर वारदात को अंजाम देने से पहले पूजा अर्चना कर कामयाबी की कामना करता था। पूजा करने के बाद ही ये बदमाश किसी वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस गिरफ्त में आए इन बदमाशों से हथियार और कारतूस भी बरामद किया है। इस गिरोह का सरगना नीरज पासवान उर्फ माइकल है। जो अपने साथियों के साथ चोरी, नकबजनी और लूट की वारदातों को अंजाम देकर ज्वेलरी, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था।
गैंग के मुख्य सरगना गणेश सैनी से पूछताछ में सामने आया कि वे एक ही रात में पांच से सात वारदातों को अंजाम देते थे। वारदात के दौरान कोई दिक्कत होती तो हथियार के दम पर उसे धमकाकर फरार हो जाते। इसके अलावा कभी-कभार पुलिस की गाड़ी सामने आती तो वे तंग गलियों से निकल कर मुख्य रास्तों से होते हुए निकल जाते। आरोपियों ने अब तक की वारदातों में करीब एक करोड़ रुपये की ज्वेलरी और अन्य सामान चोरी करना कबूल किया है। इसके अलावा आरोपियों ने करधनी थाना इलाके में 15 से 16 नकबजनी की वारदातों को अंजाम दिया है।
जयपुर पुलिस ने बताया कि गैंग का मुख्य सरगना गणेश सैनी और करण हरिजन नौ महीने पहले ही जेल से छूट कर आए थे। इसके बाद उन्होंने करधनी, कालवाड़ और हरमाड़ा थाना इलाकों में सैकड़ों से अधिक नकबजनी, लूट, मोबाइल और नकदी छीनने की वारदातों को अंजाम दिया। चारों आरोपियों ने गैंग बना रखी है। जो चोरी की बाइक से विभिन्न काॅलोनियों में सूने मकानों की रेकी करते और रात में वारदात को अंजाम देते।
वारदात करने से पहले ये बदमाश घर के बाहर भगवान की मूर्ति के आगे अगरबत्ती कर प्रार्थना कर कर चोरी की वारदात करते। फिर दूसरे दिन नकबजनी के दौरान मिली राशि से शराब पार्टी सहित नशा करते। आरोपी वारदात के दौरान अपने-अपने मोबाइल घर पर रखते थे। फिलहाल पुलिस इस गैंग के अन्य सदस्यों व चोरी का माल लेने वाले सुनारों को भी चिन्हित कर उन पर भी कार्रवाई करने में जुटी है।
