जयपुर : कुछ दिन पहले हुए जयपुर में गैंगवार में जयपुर पुलिस ने 21 सितम्बर को बनीपार्क में कांग्रेसी नेता के करीबी अजय यादव की हत्या का राज शुक्रवार को खोल दिया है। अजय यादव की हत्या के मामले में दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभी वारदात में शामिल 5 आरोपी फरार हैं। दरअसल, स्कूटी पर आए बदमाशों ने गोली मारकर अजय की हत्या की थी। फिर पत्थर से सिर कुचल दिया था। अजय चाय की थड़ी पर चाय पीने के लिए गाड़ी में बैठा था। हत्या के बाद पुलिस ने जयपुर से फतेहपुर तक 175 किलोमीटर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे खंगाले। जयपुर पुलिस ने तीन दिन और तीन रातें के कैमरे चैक करती रही।
डीसीपी ऋचा तोमर ने बताया कि जयराज सिंह पुत्र जयसिंह निवासी झोटवाड़ा व प्रवीण कुमार उर्फ पवन यादव पुत्र रामसिंह निवासी नारनौल हरियाणा को गिरफ्तार किया गया है। जयराज ने वारदात से पहले फरारी के लिए मोबाइल की सिम दी थी। प्रवीण ने फायरिंग के आरोपी वीरेंद्र व अक्षय को फरारी के बाद शरण दी थी। साथ ही रुपए दिए थे।
डीसीपी ने बताया कि वारदात में प्रदीप यादव, मुकेश पुत्र मोहनलाल यादव, वीरेंद्र सिंह, अक्षय सिंह और एक पांचवा आरोपी फरार है। उन्होंने बताया कि आपसी रंजिश के कारण अजय यादव की सूतमिल कालोनी में तीन गोली मार कर हत्या की गई। बदमाश उसका सिर भी पत्थर से कुचल कर भाग गए थे। बदमाश स्कूटी पर आए थे।
फरारी में मदद नहीं की तो दोस्तों में हुई दुश्मनी
डीसीपी ऋचा तोमर ने बताया कि मृतक अजय यादव और वैशाली नगर का हिस्ट्रीशीटर मुकेश यादव बहुत गहरे दोस्त थे। दोनों की दोस्ती 2008 में हुई थी। 2015 में बदमाश गगन पंडित पर फायरिंग हुई थी। फायरिंग केस में फरारी के दौरान मुकेश ने अजय से छुपने के लिए मदद मांगी। अजय यादव ने उसे मदद करने से मना कर दिया। तब से दोनों के बीच में बातचीत बंद हो गई। जमीनों के मामले में भी दोनों के बीच कई बार अनबन हुई थी। मुकेश यादव झोटवाड़ा के हिस्ट्रीशीटर प्रदीप यादव के संपर्क में आ गया। मुकेश ने अजय से संबंध खत्म कर दिए थे।
प्रदीप यादव की फायरिंग का बदला
अजय यादव और मुकेश यादव दोनों अपनी-अपनी गैंग को मजबूत करने में जुट गए। हालांकि अजय अब अपराध छोड़ कर राजनीतिक नेताओं के नजदीक हो गया था। अजय यादव के साथी हिमांशु जांगिड़ व बंटी शर्मा ने पिछले साल मार्च में प्रदीप यादव पर झोटवाड़ा में फायरिंग कर डाली। गोली लगने से उसे लक्वा हो गया। वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया। प्रदीप खुद पर फायरिंग का जिम्मेदार अजय को मानने लगा। उसने अजय से बदला लेने की ठानी ली। मुकेश भी अजय से मदद नहीं करने का बदला लेना चाहता ता।
बिस्तर पर ही हत्या की बनाई योजना
प्रदीप ने घर पर बिस्तर पर लेट कर मुकेश के साथ हत्या की योजना बनाई। उसने अपने साथियों को फोन कर बुलाया। उन्हें हत्या करने से लेकर फरार होने की पूरी योजना बना कर दी। उन्हें सिम भी दिला दी। उन्हें पता लगा कि वह रोजाना बनीपार्क में चाय की थड़ी पर जाता है। तब प्रदीप का खास दोस्त मुकेश, वीरेंद्र, अक्षय अपने एक दोस्त के साथ स्कूटी पर गए। अजय को गोली मार दी। प्रदीप घर पर ही था। हत्या के बाद उसे फोन पर काम होने की बात कहीं। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
