जयपुर: शहर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के 9 केस और एक दर्जन संदिग्ध मिलने के बाद जयपुर जिला प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने आदेश जारी करके पूरे शहर में 23 इंसीडेंट कमांडर नियुक्त कर दिए। इन्हें अपने-अपने क्षेत्र में जरूरत के अनुसार कंटेनमेंट जोन बनाने के अधिकार दिए हैं।
कलेक्टर अंतर सिंह ने बताया कि नए वैरिएंट के सभी मरीजों को आरयूएचएस में शिफ्ट किया गया है। ऐसे में उन लोगों के घरों के बाहर कंटेनमेंट जोन बनाने की जरूरत नहीं है। अब चूंकि केस बढ़ने लगे हैं तो ज्यादा सावधानी की जरूरत है, इसलिए टीमें बनाई है। इसमें इंसीडेंट कमांडर के साथ मेडिकल हैल्थ, स्थानीय पीएचसी इंचार्ज और पुलिस के जवान मौजूद रहेंगे। ये टीम जरूरत के अनुसार कंटेनमेंट जोन बना सकेगी। जिस जगह कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा, उस जगह संबंधित थाने का बीट कॉन्स्टेबल निगरानी रखेगा। ये कॉन्स्टेबल सुबह-शाम इस बात को सुनिश्चित करेगा कि क्या वहां संक्रमित व्यक्ति पूरी तरह कंटेनमेंट जोन की पालना कर रहे हैं या नहीं? जयपुर में बढ़ते संक्रमित मरीजों को देखते हुए सरकार ने अब महात्मा गांधी हॉस्पिटल को भी कोरोना संक्रमितों को आइसोलेट करने और इलाज के लिए अधिकृत किया है।
कुछ दिन पहले डूंगरपुर जिले के गलियाकोट में एक महिला के पॉजिटिव मिलने के बाद कलेक्टर ने उस घर के आसपास कंटेनमेंट जोन बनाते हुए उसे जीरो मोबिलिटी एरिया घोषित कर दिया था। इसके बाद नागौर में भी एक जगह कलेक्टर ने संक्रमित केस मिलने के बाद जीरो मोबिलिटी एरिया घोषित किया था।
