हर घर जल कार्यक्रम में इस साल 15 हजार गांवोें में 32 लाख 64 हजार पेयजल कनेक्शन – एसीएस डॉ. अग्रवाल

0
102
पेयजल

जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव पीएचईडी, माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि हर घर नल कार्यक्रम के तहत राज्य में इस साल 15 हजार गांवों में 32 लाख 64 हजार परिवारों को पेयजल कनेक्शन जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस तरह का रोड़मेप तैयार किया जा रहा है जिसके अनुसार आगामी वर्ष 2023-24 तक राज्य के सभी 1 करोड़ 5 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को हर घर नल कनेक्शन कार्यक्रम के दायरे में लाया जा सके। 1 अप्रेल, 2022 तक 25 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को हर घर नल कार्यक्रम के तहत पेयजल कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।

एसीएस डॉ. अग्रवाल शुक्रवार को सचिवालय में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि अब बचे हुए समय की तय समय सीमा में हर घर नल कनेक्शन कार्यक्रम का लाभ सभी ग्रामीण परिवारों तक पहुंचा जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाते हुए कार्यक्रम क्रियान्वयन के आवष्यक सभी घटकों के क्रियान्वयन की रोडमेप बनाकर क्रियान्वयन करना होगा। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह देश और प्रदेश का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर घर नल योजना के क्रियान्वयन की नियमित मोनेटरिंग तय की जाए।

अधिकारी फील्ड मेें जाएं और लोगों को पानी के सदुपयोग के लिए जनचेेतना जागृत करे। उन्होंने स्कूलों एवं आंगणबाड़ी केन्द्रों के नल कनेक्शनों की चर्चा करते हुए कहा कि यह सुनिष्चित किया जाए कि नलों से पानी लीक होकर के बेकार नहीं जाएं। उन्होेंने कहा कि पानी की उपलब्धता सुनिश्चत करने के साथ ही पानी की एक एक बूंद का सही उपयोग हो इसके लिए अवेयर करने का गुरुतर काम भी हमें करना होगा। उन्होंने कार्यक्रम के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों का सहयोग व सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्य की गुणवत्ता के साथ किसेी तरह का समझौता नहीं किया जाएं।

जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनन्द कुमार ने कहा कि हर घर नल कार्यक्रम के क्रियान्वयन में ग्रामीणों की सहभागिता ग्राम सभा के स्थाई एजेण्डा में रखकर सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि माह में दो बार आयोजित होने वाली ग्राम सभा का एजेण्डा बनने से ग्रामीणों में अवेयरनेस के साथ ही पानी के सदुपयोग, स्वच्छता कार्यक्रम और कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी तय हो सकेगी। निदेशक पंचायतीराज ओम कसेरा ने सुझाव दिया कि आवश्यक कार्यादेश समय पर देकर मोनेटरिंग पर अधिक ध्यान देना होगा।

जल जीवन मिशन निदेशक प्रताप सिंह ने हर घर जल योजना की पीपीटी के माध्यम से विस्तार से कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के समय पर क्रियान्वयन के लिए विशेष फोकस दिया जा रहा है। बैठक में निदेशक आईसीडीएस रामावतार मीणा, स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. मोहन लाल यादव, मुख्य अभियंता स्पेशल प्रोजेक्ट्स पीएचईडी, मुख्य अभियंता जल जीवन मिशन आरके मीणा, निदेशक हुकुम चंद वर्मा, जेएस वित्त हृदेश कुमार जुनेजा, टीए सुधांशु दीक्षित सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here