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जयपुर के SMS स्टेडियम में बनेगा हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग एंड रिहैब सेंटर, जल्द बनेगा राजीव गांधी सेंटर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी

EWS विकास कोष ,गहलोत Indira Gandhi Urban Credit Card Scheme इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना की अवधि 31 मार्च 2024 तक बढ़ी post pic

जयपुर: प्रदेश के खिलाड़ियों को फिजियोथैरेपी फैसिलिटी मुहैया कराने के लिए जयपुर में हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर राज्य सरकार बनाने जा रही है। SMS स्टेडियम में बनने वाले सेंटर को चलाने और मेंटेनेंस के लिए प्रदेश सरकार ने एडिशनल बजट प्रोविजन मंजूर किया है। मुख्यमंत्री गहलोत ने इसके लिए 8.55 करोड़ रुपए अप्रूव किए हैं। राज्य बजट 2021-22 में यह केन्द्र खोलने की घोषणा की गई थी। सरकार ने सेंटर की स्थापना के लिए 6 करोड़ 52 लाख रुपए और इसे चलाने और मेंटेनेंस के लिए 2 करोड़ 3 लाख रुपए मंजूर किए हैं।

जयपुर में बनेगा राजीव गांधी सेंटर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी

प्रदेश सरकार ने युवाओं को इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की नई स्ट्रीम्स और मोड्स की ट्रेनिंग देने के लिए जयपुर के सूचना केन्द्र में बनने वाले राजीव गांधी सेंटर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी में वर्ल्डक्लास आईटी कंपनियों को इक्विप्ड ट्रेनिंग एरिया और मेंटेनेंस फैसिलिटी फ्री देने का प्रपोजल मंजूर किया है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने 2021-22 के बजट में इस सेंटर की घोषणा की थी प्रदेश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स , वर्चुअल रियलिटी में सर्टिफिकेट कोर्स, मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च, आम जनता को इनोवेशंस की जानकारी कराने के लिए 200 करोड़ की लागत से यह सेंटर खोला जाएगा।

इसमें आईटी कम्पनियां ट्रेनिंग पार्टनर के तौर पर 3 कैटेगरी में कोर्स चलाएंगे। पहला प्रीमियम कोर्स फीस बेस्ड,दूसरा कोर्स सब्सिडी बेस्ड होगा। जिसमें प्रदेश सरकार हर ट्रेनिंग पार्टनर के लिए 100 कैंडिडेट का सलेक्शन करेगी। तीसरा कोर्स ई-लर्निंग बेस्ड और फ्री होगा। जिसमें स्टडी मटेरियल भी फ्री दिया जाएगा।

इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड लोन डॉक्यूमेंट्स पर स्टाम्प ड्यूटी की छूट

मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड स्कीम के पात्र लोगों को चिन्हित बैंकों और फायनेंशियल इंस्टीट्यूट्स से 31 मार्च 2022 तक दिए जाने वाले लोन डॉक्यूमेंट पर स्टाम्प ड्यूटी की छूट देने का फैसला लिया है। कोरोना महामारी के कारण रोजगार संकट झेल रहे स्ट्रीट वेंडर्स और सर्विस सेक्टर के युवाओं, बेरोजगारों को सेल्फ एम्प्लॉयमेंट से जोड़ने की यह स्कीम है। साथ ही उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी 50 हजार रुपए तक का लोन दिया जा रहा है।फेरी वालों, रिक्शाचालक, कुम्हार, दर्जी, धोबी, हेयर ड्रेसर, मिस्त्री, पेंटर जैसे काम करने वाले और बेरोजगार युवाओं को बिना किसी गारंटी के माइक्रो-क्रेडिट फैसिलिटी स्कीम में दी जा रही है।

 

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