जयपुर : राज्य में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में गीगावाट स्तर के सोलर प्लांट व परियोजनाएं विकसित की जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव व चेयरमैन अक्षय ऊर्जा निगम डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने यह जानकारी देते हुए राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम व सहयोगी संस्था की वार्षिक साधारण सभा में हिस्साधारकों दस प्रतिशत लाभांश देने की घोषणा की।
एसीएस डाॅ. सुबोध अग्रवाल सोमवार को राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम व सहयोगी संस्था आरएसडीसीएल की साधारण सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्य में पिछले दिनों कुछ बड़ी परियोजनाओं के लिए कस्टमाईज पैकेज भी स्वीकृत किए गए है जिससे प्रदेश में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में डेढ़ लाख करोड़ के निवेश की संभावना है। उन्होंने बताया कि इससे प्रदेश में ऊर्जा क्षमता की बढोतरी के साथ ही प्रदेश में रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि अक्षय ऊर्जा निगम व सहयोगी संस्था स्वयं व सोलर क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं के सहयोग से प्रदेश में सीएसआर गतिविधियों को विस्तारित करेगी। उन्होंने बताया कि अक्षय ऊर्जा निगम और सहयोगी संस्था ने समन्वित रुप से 162 करोड़ से अधिक का सालाना कारोबार कर 32 करोड़ 95 लाख रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। उन्होंने बताया कि प्रबंधकीय दक्षता से संचालन के साथ ही प्रदेश में सोलर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के ठोस प्रयास किए जा रहे है।
एसीएस डाॅ. अग्रवाल ने ऊर्जा दक्षता में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत होने और फ्रंट रनर बनने के लिए हिस्सा धारकों को भी बधाई दी।
प्रमुख शासन सचिव राजस्व श्री आनंद कुमार ने इंवेस्ट राजस्थान में और अधिक निवेश लाने की आवश्यकता प्रतिपादित की।
सीएस अक्षय ऊर्जा निगम गजल सक्सैना ने वित्तीय लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। वार्षिक साधारण सभा में जेएस वित्त श्री मेवाराम, निदेशक आपरेशन श्री नरेन्द्र सुवालका, निदेशक जेवीवीएनएल श्री केपी वर्मा, निदेशक आरआरईसी श्री एनएस निर्वाण, निदेशक वित्त श्री ललित वर्मा सहित सदस्यों ने हिस्सा लिया।
