जयपुर : राजस्थान में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डेयरी किसानों, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन और सहकारी एवं दुग्ध उत्पादक कंपनियों को राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत ‘गोपाल रत्न’ पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए 15 सितम्बर तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। ये पुरस्कार स्वदेशी दुधारू पशुओं में वैज्ञानिक तरीके से उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने और सहकारी एवं दुग्ध उत्पादक कंपनियों के मध्य प्रतिस्पर्धा भावना पैदा करने के लिए दिया जाता है।
पशुपालन मंत्री लालचन्द कटारिया ने बताया कि ‘गोपाल रत्न’ पुरस्कार के लिए वे किसान या पशुपालक भाग ले सकते है, जिनके पास गाय की प्रमाणित स्वदेशी अथवा भैंस की देशी प्रमाणित नस्ल में से किसी एक का पालन कर डेयरी संचालित कर रहा हो। इसी तरह सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन पुरस्कार के लिए 90 दिन का प्रशिक्षण प्राप्त किए हुए राज्य पशुधन विकास बोर्ड, दुग्ध फेडरेशन, गैर सरकारी संगठन एवं निजी क्षेत्र के कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन इसमें आवेदन कर सकते है। इसके अलावा दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सहकारी एवं कम्पनी अधिनियम के तहत ग्राम स्तर पर स्थापित कम से कम 50 किसान सदस्यों और प्रतिदिन 100 लीटर दूध का उत्पादन करने वाली सहकारी समिति, एमपीसी, एफपीओ एवं दुग्ध उत्पादक कम्पनी भी इस योजना में भाग ले सकेंगे।
5, 3 और 2 लाख रुपए का मिलेगा इनाम
इस पुरस्कार के लिए तीनों श्रेणी में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वाले को क्रमश: 5 लाख, 3 लाख और 2 लाख रुपए की राशि इनाम के तौर पर दी जाएगी। ये पुरस्कार राशि राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर 26 नवम्बर को समारोह आयोजित कर दी जाएगी। इस पुरस्कार के लिए 15 सितम्बर शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए गोपालन विभाग की वेबसाइट या मोबाइल एप ‘ई गोपाला’ पर जाकर सारी जानकारी देख सकते है।
