जयपुर: मुख्यमंत्री अशाोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत से फर्टिलाइजर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को ने सात घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। जिन्हें 22 सितंबर को ईडी ने समन भेजा था, सोमवार को सुबह 11:30 बजे राष्ट्रीय राजधानी में ईडी के मुख्यालय के सामने पेश हुए। जांचकर्ताओं ने शाम साढ़े सात बजे तक उससे पूछताछ की गई, जिसके बाद ईडी ने उन्हें जाने दिया।
पिछले साल ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अग्रसेन गहलोत के खिलाफ फर्टिलाइजर घोटाले को लेकर केस दर्ज किया था। पिछले साल जुलाई में अग्रसेन गहलोत के जोधपुर में फार्म हाउस और फर्मो पर ईडी ने छापेमारी की थी। यह छापेमारी पिछले साल उस वक्त हुई थी, जब सचिन पायलट खेमे की बगावत के वक्त कांग्रेस विधायक बाड़ेबंदी में थे। उस वक्त कांग्रेस ने बदले की भावना से कारवाई के आरोप लगाए थे।
गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की रोक
ईडी फर्टिलाइजर घोटाले में अग्रसेन गहलोत को फिलहाल गिरफ्तार नहीं कर सकती है। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने हाल ही में अग्रसेन गहलोत की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। हाईकोर्ट में गहलोत ने ईडी की जांच में सहयोग करने का वादा किया था।
सब्सिडी वाले फर्टिलाइजर का गलत तरीके से एक्सपोर्ट करने का आरोप
किसानों को सब्सिडी पर दिया जाने वाला फर्टिलाइजर के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध है। ईडी में दर्ज मामले के अनुसार, अग्रसेन गहलोत पर प्रतिबंधित सब्सिडी वाला फर्टिलाइजर एक्सपोर्ट करने का आरोप है। अग्रसेन गहलोत के स्वामित्व वाली कंपनी ने बड़ी खेप निर्यात की थी। वह इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) के ऑथराइज्ड डीलर थे। आरोपों के मुताबिक, अग्रसेन गहलोत की फर्म ने साल 2007 से 2009 के बीच रियायती दरों पर पोटाश वाला फर्टिलाइजर खरीदा और इसे किसानों को देने की जगह दूसरी कंपनियों को बेचा था। इसका दूसरे देशों को एक्सपोर्ट भी किया गया।
