जयपुर। न्यायालयों का निर्माण आगे के 25 वर्षों की योजना को देखते हुए करना चाहिए जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति को हम समुचित वातावरण न्याय प्रदान कर सके । यह बात सांगानेर स्थित अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रम 10 एवं अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट क्रम 14 के नवनिर्मित न्यायालय भवनों का लोकार्पण समारोह में राजस्थान उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जस्टिस सबीना ने कही।
सांगानेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर सुरेन्द्र जैन व महासचिव नेमीचंद सामरिया ने बताया कि न्यायालय भवनों का लोकार्पण राजस्थान उच्च न्यायालय की न्यायाधिपति श्रीमती सबीना मुख्य अथिति एवं जयपुर महानगर प्रथम के जिला न्यायाधीश उमाशंकर व्यास के द्वारा किया गया। सांगानेर एडीजे गजेंद्र सिंह तेनगुरिया विशिष्ट अथिति रहें।
महासचिव नेमीचंद सामरिया ने बताया कि 94 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से दोनों न्यायालय भवनों का निर्माण किया गया है।
समारोह में उपखण्ड अधिकारी सांगानेर राजेश कुमार नायक, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट जयपुर मेट्रो प्रथम ब्रजेन्द्र रावत, सांगानेर में पदस्थापित न्यायिक अधिकारी विनोद गुप्ता, संजीव कुमार, ब्रजेश कुमार द्वितीय , पूनम सैन, कविता मीना व मोबाइल मजिस्ट्रेट अरुण जांगिड़ , चाकसू बार अध्यक्ष हरप्रीत सिंह, महासचिव जितेंद्र गौतम, हाई कोर्ट बार के पूर्व महासचिव प्रहलाद शर्मा , सांगानेर बार के पदाधिकारी व अधिवक्तागण मौजूद रहें।
बार अध्यक्ष महावीर सुरेन्द्र जैन ने बताया कि न्यायाधिपति सबीना ने सांगानेर बार एसोसिएशन को नवीन न्यायालय भवनों की शुभकामनाएं देते हुए कहां की नए कोर्ट भवन बनने से अधिवक्तागणों व पक्षकारो को सुविधा होगी। उन्होंने न्यायालयों में सुविधाओं का अभाव बताते हुए कहां की न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता व कर्मचारी कम संसाधनों के बावजूद समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय पहुचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने इस अवसर पर अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट क्रम 17 व 18 का शुभारंभ भी किया। सुंदरकांड के पाठ समारोह से पूर्व बार एसोसिएशन के द्वारा अधिवक्ता मनीष गगरानी व अमित बाहेती के द्वारा भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी किया गया।
