जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने माना कि विधायको को सलाहकारों व संसदीय सचिव बनाकर केबिनेट या राज्यमंत्री का दर्जा देने में कानूनी अड़चन है। गहलोत ने पीसीसी में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि हमने सलाहकार बनाए है, मीडिया से भी बना सकता हूं, मुख्यमंत्री किसी को भी सलाहकार बना सकता है। संसदीय सचिव पहले भी बनते थे, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य मंत्री का स्टेटस नहीं मिलता, हमने आदेश निकाला ही नहीं है मंत्री को लेकर खबर तो तब बनती जब हम उन्हें मंत्री का दर्जा देते।
मुख्यमंत्री गहलोत ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा ‘महंगाई का मुद्दा नया नहीं है। भारत सरकार की गलत नीतियों के कारण ऐसा हो रहा है। राज्य सरकारों का खजाना खाली हो रहा, केंद्र की गलत वित्तीय नीतियों के कारण महंगाई बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अभी तो चुनाव के चलते डीजल, पेट्रोल के दाम रोज नहीं बढ़ रहे। मजबूत राज्यों से ही देश का विकास संभव हो सकेगा। राज्यों को मिलने वाला हिस्सा बंद हो गया, महंगाई का सीधा असर आम आदमी पर पड़ता है। गृहणियों का बजट गड़बड़ा रहा है। लोगों की जेबें खाली हो रही है। केंद्र सरकार महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर बात ही नहीं करती।
उन्होंने कहा कि हमने केंद्र सरकार से आग्रह किया है, राजस्थान की भौगालिक स्थिति अलग है। GST का पूर्णभरण बढ़ाने की केंद्र को जरुरत है। दिल्ली की को कांग्रेस रैली के बारे में बोलते हुए कहा कि इसमें राजस्थान से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल ने सही फैसला किया। केंद्र सरकार के खिलाफ रैली करने का मकसद यही है। केंद्र पर महंगाई और बेरोजगारी खात्मे के लिए दवाब बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बेरोजगारों के लखनऊ में धरने देने की बात पर कहा कि राजस्थान से जाकर लखनऊ में धरना देने का क्या मतलब, बीजेपी युवाओं को भड़का कर अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए ऐसा कर रही है। ऐसे नेताओं के चक्कर में युवाओं को नहीं आना चाहिए था।
