जयपुर। दलित और महिला अत्याचार के खिलाफ सड़कों पर उतरी शहर भाजपा के प्रदर्शन में ना केवल भीड़ ठीकठाक जुटी,बल्कि गुटों में बंटे भाजपा के कुनबे में एकता भी नजर आई। शहर भाजपा पदाधिकारियों के ये एकता के प्रयास कितने सफल हो पाते हैं उस पर सबकी नजर टिकी हुई हैं।
भाजपा मुख्यालय से सिविल लाइंस फाटक तक के आज के प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समर्थक माने जाने वाले पूर्व भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी, राजपालसिंह शेखावत, विधायक अशोक लाहोटी और सबसे खास कार्यवाहक महापौर शील धाबाई भी दिखाई दी। लम्बे अरसे बाद दोनों गुटों के नेतओं को एक साथ देखा गया। प्रदर्शन में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी, पूर्व विधायक सुरेन्द्र पारीक, शहर भाजपा अध्यक्ष राघव शर्मा, महामंत्री कृष्ण मोहन शर्मा व कुलवंतसिंह, शहर उपाध्यक्ष अजय पारीक, सुभाष पारवाल, पार्षद पवन शर्मा नटराज, श्याम नगर मंडल अध्यक्ष दिनेश यादव, दीपक बागड़ा, विजय भारद्वाज ,नवनीत शर्मा, एडवोकेट अर्पिता माथुर ,सृष्टि सेठी ,रामचंद्र गुप्ता, केदार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
पुलिस के साथ चलती रही जोर आजमाइश
प्रदर्शनकारी जैसे ही राजमहल चौराहे पर जैसे ही पहुंचे वहां कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए लगाए बेरिकेट्स को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गिरा दिया। इस बात पर पुलिस और कार्यकर्ताओं में बहस हो गई। हालांकि बीजेपी के कुछ पदाधिकारियों ने हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाया और फिर आगे बढ़े। हालांकि जैसे ही सिविल लाईन्स फाटक के पास पहुंचे तो पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया तो धक्का-मुक्की हो गई।
सिविल लाईन्स फाटक पर पहुंचने तक कार्यकर्ताओं का जोश बना रहा और पुलिस के साथ जमकर जोर आजमाइश हुई,लेकिन उमस के कारण थोड़ी देर बाद जोश ठण्डा पड़ गया। भाजपा के प्रदर्शन में इस बार उम्मीद के मुताबिक भीड़ पहुंची, लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से कोरोना गाइडलाइन की पालना नहीं हो पाई।

