जयपुर। जन समस्याओं को लेकर सड़कों पर लडऩे तथा जनता को न्याय दिलवाने के लिए मशहूर राज्यसभा सांसद डॉ.किरोडी लाल मीणा प्रदेशभर के छात्रों के साथ 13 सितंबर को विधानसभा का घेराव करेंगे। इसी प्रकार कक्षा 1 से 8 तक स्कूल खोलने के साथ ही आरटीई के लंबित भुगतान को लेकर शुक्रवार को कल निजी स्कूल संचालकों के साथ जयपुर में पैदल मार्च निकालेंगे।
डॉ.किरोड़ी लाल ने आज पत्रकारों को अपने इन आंदोलनों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेशभर के युवाओं के साथ विधानसभा पर प्रदर्शन में उनकी प्रमुख मांग है कि पिछले 2 साल से राजस्थान में स्कूल-कॉलेज नहीं खुले हैं। बावजूद इसके सरकार छात्रों से फीस वसूल रही है,जबकि कोरोना के कारण परीक्षाएं नहीं हुई उसके बावजूद परीक्षा फीस वसूली जा रही है। ऐसे में सरकार वसूली हुई फीस वापस लौटाए,या फिर आगे के शिक्षण सत्र में उसे समायोजित करें।
नौकरियों में राजस्थान के युवाओं को मिले आरक्षण
उन्होंने कहा कि राजस्थान में 15 लाख से ज्यादा बेरोजगार पंजीकृत है। जिसमें 12 लाख 24 हजार पोस्ट ग्रेजुएट है। लेकिन इनमें से सिर्फ 1 लाख 60 हजार बेरोजगारों को ही बेरोजगारी भत्ता मिल रहा है। राजस्थान सरकार ने बेरोजगारों को भत्ता देने में भी कई राइडर्स लगा रखे हैं। जिन्हें जल्द ही समाप्त किया जाना चाहिए। ताकि प्रदेश भर के बेरोजगारों को राहत मिल सके।
राजस्थान में भी हरियाणा की तर्ज पर नौकरियों में राजस्थान के युवाओं को 70 फीसदी आरक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि राजस्थान के युवाओं को समय रहते रोजगार मिल सके। सरकार को राजस्थान के युवाओं के लिए नौकरियों में आरक्षण कानून लागू करना चाहिए। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में जनरल कास्ट के 50 प्रतिशत कोटे में भी अब बाहरी राज्यों के युवा भर्ती हो रहे हैं। जिस पर रोक लगनी चाहिए। ताकि राजस्थान के हर वर्ग को नौकरी मिल सके। इसके साथ ही राजस्थान में लंबित भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए।
निजी स्कूल संघ के साथ पैदल मार्च कल
कक्षा 1 से 8 तक स्कूल खोलने के साथ ही आरटीई के लंबित भुगतान को लेकर सांसद किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार को निजी स्कूल संचालकों के साथ जयपुर में पैदल मार्च निकालेंगे। मीणा ने कहा कि पिछले 2 साल से राजस्थान में स्कूल बंद है। ऐसे में स्कूलों की आर्थिक हालत बद से बदतर स्थिति पर पहुंच गई है। ऐसे में सरकार को निजी स्कूलों को रियायत देनी चाहिए। साथ ही पिछले लंबे समय से जमा आरटीई का पैसा भी स्कूलों को देना चाहिए। ताकि निजी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन मिल सके। इस मांग को लेकर कल पैदल मार्च निकालेंगे।
