जयपुर : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के एक अधिशाषी अभियन्ता (XEN) अजीत जांगिड़, ब्लॉक लेखाधिकारी अशोक कुमार, जूनियर असिस्टेंट संतोष वर्मा और एक ठेकेदारी करने वाले दलाल रामकरण को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। दलाल व अधीनस्थ स्टॉफ के मार्फत रिश्वत की रकम में 27 हजार रुपए XEN को पहुंचाए गए थे। बाकी, तीन हजार रुपए आपस में बांट लिए।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि एक व्यक्ति को PWD शाहपुरा खंड कार्यालय में जमा 10 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि लौटाने की एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। यह कार्रवाई एसीबी टीम के प्रभारी एएसपी नरोत्तम वर्मा के सुपरविजन में एसीबी में इंस्पेक्टर नीरज भारद्वाज के नेतृत्व में गठित टीम ने की। कार्रवाई से विभाग के ऑफिस में हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी ऑफिस छोड़कर इधर-उधर भाग निकले।
मांगे 50 हजार रुपए, फिर 30 हजार रुपए लेने पर हुए राजी
एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने बताया कि एक व्यक्ति ने जयपुर एसीबी मुख्यालय पर शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी 10 लाख रुपये की सिक्योरिटी डिपोजिट रिलीज करने की एवज में 5 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से XEN अजीत जांगिड़ अपने कार्मिक अशोक कुमार, संतोष वर्मा व उनके दलाल के माध्यम से 50 हजार रुपये रिश्वत मांग कर परेशान कर रहे है। तब शिकायत का सत्यापन किया गया।
रिश्वत का तीन हिस्सों में बंटवारा
परिवादी ने शाहपुरा स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचकर ठेकेदार रामकरण को 30 हजार रुपए की रिश्वत राशि दे दी। इसके बाद रामकरण ने 27 हजार रुपए XEN अजीत जांगिड़, 2 हजार रुपए एईएन अशोक कुमार और 1 हजार रुपए बाबू संतोष को दे दिए। रिश्वत की रकम का आपस में बंटवारा होने के बाद ईशारा मिलते ही एसीबी टीम ने ट्रैप कर लिया । इससे वहां हड़कंप मच गया। तत्काल एसीबी टीम ने चारों आरोपियों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर ली। ट्रेप कार्रवाई के बाद आरोपियों के आवास व अन्य ठिकानों पर भी एसीबी ने सर्च कार्रवाई शुरु कर दी।

