जयपुर। ग्रामीण विकास मंत्री रमेश चंद मीणा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि वर्ष 2002 के बीपीएल सर्वे की सूची को वर्ष 2006 से लागू किया गया है। इस सूची में द्विस्तरीय अपील के माध्यम से परिवारों के नाम जोडने व हटाने की प्रक्रिया निरंतर जारी है और इसकी अद्यतन सूची ही प्रभावी रहती है।
मीणा ने प्रश्नकाल के दौरान विधायक शंकर सिंह रावत के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर प्रदेश में वर्ष 2002 में बीपीएल परिवारों का सर्वे करवाया गया था। उन्होंने बताया कि बीपीएल सूची 2002 (ग्रामीण) में शामिल होने से वंचित रहे परिवारों के लिये भारत सरकार के निर्देशानुसार बीपीएल सेंसस 2002 की सूची (ग्रामीण) में पात्र परिवारों को शामिल करने हेतु द्विस्तरीय अपील का प्रावधान है। इसके अनुसार प्रथम अपील संबंधित उपखण्ड अधिकारी एवं द्वितीय अपील जिला कलक्टर को की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि अपील प्रक्रिया द्वारा ही बीपीएल सूची 2002 में परिवारों को जोडने व हटाने की प्रक्रिया अनवरत जारी है। मीणा ने बताया कि भारत सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा बीपीएल सर्वे 2002 में कराया गया था और बीपीएल सर्वे ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार करवाया जाता है। उन्होंने इससे संबंधित विस्तृत जानकारी सदन के पटल पर रखी।
