जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम व एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि राज्य के भीलवाड़ा, चित्तोडगढ़ और राजसमंद जिले में कॉपर, गोल्ड, लेड, जिंक और सिल्वर के ब्लॉक्स तैयार करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन ब्लॉक्स को तैयार कराने पर ड्रिलिंग व अन्य कार्यों पर 39 करोड़ 82 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह समस्त राशि नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट फण्ड से व्यय की जाएगी।
एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों जयपुर में माइंस एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य के उपलब्ध खनिज संपदा के पूर्वेक्षण एवं अंवेषण कार्य को गति देने के लिए राजस्थान राज्य खनिज अंवेषण ट्रस्ट आरएसएमईटी सें आधार भूत संरचना व तकनीकी अपग्रेडशन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है। अब आरएसएमईटी द्वारा भारत सरकार के नेशनल मिनरल एक्स्पलोरेशन ट्रस्ट एनएमईटी फण्ड से भी प्रदेश में खनिजों की खोज व ऑक्शन हेतु खनि ब्लॉक्स भी तैयार करवाए जा सकेंगे। भाया ने बताया कि मुख्यमत्री अशोक गहलोत के निर्देश, भावना और मंशा के अनुसार विभाग द्वारा खनिज खोज व ब्लाक्स के नीलामी कार्य को गति दी जा रही है।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि भीलवाड़ा की देवतलाई में करीब 700 हैक्टेयर क्षेत्रफल का कॉपर व गोल्ड ब्लॉक तैयार करने के लिए 12 हजार मीटर ड्रिलिंग व अन्य कार्य, भीलवाडा़ के ही अमरगढ़ में करीब 600 हैक्टेयर क्षेत्रफल का 10 हजार मीटर ड्रिलिंग व अन्य कार्य से लेड व जिंक का ब्लॉक तैयार करने, चित्तोडगढ़ के भागल में करीब 500 हैक्टेयर क्षेत्रफल का कॉपर ब्लॉक तैयार करने के लिए 10 हजार मीटर ड्रिलिंग व अन्य कार्य, राजसमंद की करोली में करीब 200 हैक्टेयर क्षेत्रफल का कॉपर ब्लॉक तैयार करने के लिए 3 हजार मीटर ड्रिलिंग व अन्य कार्य और राजसमंद के ही सिन्देसर में करीब 3500 हैक्टेयर क्षेत्रफल का सिल्वर, लेड व जिंक का ब्लॉक तैयार करने के लिए 20 हजार मीटर ड्रिलिंग व अन्य कार्य करवाया जाएगा।
इस पर होने वाले करीब 39 करोड़ 82 लाख रु. के व्यय का वहन भारत सरकार के एनएमईटी फण्ड से करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक मोटे अनुमान के अनुसार इन ब्लॉक्स के तैयार होकर ऑक्शन के बाद प्रदेष में 50 साल में 48354 करोड़ रु. की संभावित आय की संभावना है। डीएमजी केबी पण्ड्या ने बताया कि राज्य में खनिज खोज व खनन कार्य को लगतार गति दी जा रही है। वैध खनन को बढ़ावा देने के लिए ऑक्शन कार्य में तेजी लाई गई है।
