जनसुनवाई में CHA आंदोलनकारियों ने नौकरी पर दोबारा नहीं रखने पर दी आत्महत्या करने की धमकी

- कांग्रेस मुख्यालय पर कैबिनेट मंत्री को दी चेतावनी

0
131

जयपुर : कोविडकाल में कॉन्ट्रेक्ट पर नौकरी लगने के बाद हटाए गए कोविड स्वास्थ्य सहायकों (CHA) ने दोबारा नौकरी पर रखने की मांग करते हुए पिछले 53 दिनों से शहीद स्मारक पर धरना दे रखा है। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय जयपुर में हुई जनसुनवाई के दौरान इनका प्रतिनिधि मंडल जब वहां पहुंचा तो उन्होंने कैबिनेट मंत्री के सामने ही आत्महत्या करने की चेतावनी भी दी। कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद और हेमाराम चौधरी के समक्ष अपनी व्यथा सुनाने पहुंचे इन लोगों ने कहा कि सरकार पिछले डेढ़ महीने से हमारी बात नहीं सुन रही। हम लगातार शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे है। हम वहीं है जिनकी वजह से कोरोनाकाल के दौरान लाखों लोगों की जान बची थी और राजस्थान काेविड मैनेजमेंट में पूरे देश में नंबर वन स्टेट बना था। आज जब सरकार का काम निकल गया तो हमें भी बेरोजगार कर दिया।

उन्होंने कहा कि हमे नियमित नहीं तो कम से कम संविदा कैडर पर नौकरी पर लगाया जाए, ताकि हमारा परिवार का हम भरण-पोषण कर सके। इस दौरान वहां मौजूद तो यहां तक कह दिया कि अगर सरकार हमारी सुनवाई नहीं करेगी तो हम यहीं आंदोलन करते-करते मर जाएंगे या सुसाइड कर लेंगे, लेकिन अब बिना नौकरी लिए वापस घर नहीं लौटेंगे।

आपको बता दें कि कोरोना काल के दौरान प्रदेशभर में 28 हजार CHA वर्कर्स की नियुक्ति की थी, जिन्हें कोरोना मरीजों के उपचार के साथ घर-घर जाकर दवाई पहुंचाने, सैंपल लेने की भी जिम्मेदारी दी गई थी। इस साल 31 मार्च को CHA वर्कर्स का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद सरकार ने सभी को नौकरी से हटाने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के बाद से प्रदेश में सभी CHA ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here