वैभव को टिकट नहीं देना चाहता था आलाकमान : पायलट

  • कहा- मैने राहुल और सोनिया जी को उन्हें टिकट देने की मांग की
  • महारानी कॉलेज के सांस्कृतिक कार्यक्रम में और भी बहुत कुछ कह गए पायलट

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जयपुर। कांग्रेस की कलह राजस्थान में भी खत्म होने का नाम ले रही। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट दोनों ही एक दूसरे पर तंज कसने से नहीं चूक रहे। पिछले दिनों गहलोत ने देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह अवाना को पदभार ग्रहण करवाने आए गुर्जरों के बीच कहा था कि मैंने सचिन को केंद्र में मंत्री बनाने की सिफारिश की थी उसके पलटवार में आज पायलट ने भी एक बड़ा खुलासा कर डाला और कहा कि आलाकमान वैभव गहलोत को टिकट देने के पक्ष में नहीं था। मैंने ही राहुल गांधी व सोनिया गांधी से उन्हें टिकट देने की मांग की। पायलट यहीं नहीं रुके और यहां तक कह डाला कि उस समय अशोक गहलोत नए-नए मुख्यमंत्री बने थे। मैं ये नहीं चाहता था की उनके मनोबल को कोई ठेस पहुंचे। हालांकि हम ये लोकसभा चुनाव काफी मार्जिन से हारे थे। एमपी में भी कमलनाथ के बेटे को टिकट दिया और वो जीते थे।

पायलट

पायलट आज महारानी कॉलेज में सांस्कृतिक समारोह में भाग लेने आये थे वहीं उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वैभव गहलोत मेरे साथ मेरी कमेटी में महासचिव रहे थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में वैभव गहलोत ने जोधपुर से दावेदारी की। उस समय आलाकमान उनके चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं था। क्यों कि वह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे है, और जोधपुर से सिर्फ एक सिंगल नाम ही सामने आया था। मैने उस वक्त वैभव कि पैरवी कि और मैने राहुल जी और सोनिया जी को उन्हें टिकट देने की मांग की। मैं नहीं चाहता था की मेरे पीसीसी चीफ रहते कोई निराश हो, जबकि सवाल अभी हाल में धोखाधड़ी के एक मामले में एफआईआर में नाम आने से जुड़ा हुआ था। इस मूल सवाल पर तो इतना ही कहा कि वैभव इस बारे में ट्वीट कर अपना पक्ष रख चुके हैं।

पायलट जब छात्राओं को सम्बोधित कर रहे थे तो इशारो-इशारो में फिर गहलोत पर निशाना साधा और कहा कि जो लोग ऊपर बैठे हुए है जिनकी उम्र बढ़ती जा रही है उन्हें इनसिक्योर नहीं होना चाहिए। नीचे के प्रतिभावान लोगो से डरना नहीं चाहिए। किसी से किसी को खतरा महसूस नहीं करना चाहिए।

कांग्रेस की सरकारें भी रिपीट होती है

पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस की सरकारें भी रिपीट होती है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में कांग्रेस की सरकार पहले रिपीट हो चुकी है। ऐसे में इस बार राजस्थान का ट्रेंड भी बदलेगा। लगातार दूसरी बार राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है 25 से 26 साल के इस ट्रेंड को अब बदलना होगा। यह बदलाव राजस्थान में इस बार होगा।

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